July 26, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

CBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंकबार-बार स्ट्रोक के खतरे से मिली राहत, 70 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफल LAA क्लोजरवृंदावन ग्रीन फ़ार्म में सजी थी जुए की महफिल, छापामार कार्यवाही में सपड़ाए जुआरी, ग़ैर जमानती धाराओं में गिरफ़्तारश्रीश को गणित में 100 में से 100 अंक, आद्या को भी सभी विषयों में मिली विशेष योग्यता, आत्मानन्द स्कूल की छात्र – छात्राओं ने लहराया सफलता का परचम
छत्तीसगढ़सहकार से समृद्धि

छत्तीसगढ़ में सहकारिता को नया विस्तार: 532 नवीन पैक्स समितियों की अधिसूचना, बिलासपुर संभाग के 8 जिलों के 73 ग्राम होंगे लाभान्वित

प्रचंड प्रहार न्यूज/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा 532 नवीन प्राथमिक साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन की अधिसूचना जारी की गई है। यह निर्णय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में लिया गया।

इस पहल का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ ग्रामों तक सहकारिता की पहुँच सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इस निर्णय के अंतर्गत बिलासपुर संभाग के 8 जिलों के कुल 73 ग्रामों में नई पैक्स समितियों की स्थापना की जाएगी, जिससे हजारों ग्रामीणों को सीधे लाभ मिलेगा।

जिला अनुसार ग्रामों का विवरण:

बिलासपुर (16 ग्राम): अकलतरी, बेलतरा, लमेर, अमाली, कोड़ापुरी, नवागांव (चुमकावा), पड़रिया, पोड़ी, पचरा, दारसागर, सरसेनी, शिवटिकारी, आमगोहन, शुकुलकारी, जलसों, धानागवा

मुंगेली (5 ग्राम): जुनवानी, कुकसदा, गोइंद्री, पैजनिया, लीलापुर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (6 ग्राम): तरईगांव, हर्राटोला, तेंदुमुड़ा, परासी, करगीकला, कोरजा

जांजगीर-चांपा (1 ग्राम): कटौद
सक्ति (1 ग्राम): टनगन

कोरबा (19 ग्राम): कुदुरमाल, तौलीपाली (चचिया), रंजना, अमलीडीह (तुमान), तानाखार, नवापारा, परला, बकसाही, परसदा, डॉडकी, बोईदा, उड़ता, धोलपुर, कैरवाद्वारी, मदवानी, खूंटाकूड़ा, छातापाट, पुरैना, कर्रापाली

रायगढ़ (10 ग्राम): चितवाही, तिउर, पोड़ीछाल, लिप्ती, हाटी, दुर्गापुर, ससकोबा, घटगांव, खुरूशलेगा, मुनुंद

सारंगगढ़-बिलाईगढ़ (15 ग्राम): भड़ीसार, बोहरबहाल, गौरडीह, अमूर्रा, बरगांव, धनिगांव, बोईरडीह, सेण्डुरस, मधईभाठा, धाराशिव, सलीहघाट, पचरी, देवसागर, रोहिना, टाटा

इन समितियों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि ऋण, बीज-खाद वितरण, उपभोक्ता भंडार, माइक्रो-एटीएम, राशन वितरण तथा कृषि विपणन जैसी अत्यंत आवश्यक सेवाएं सुलभ होंगी। यह निर्णय ग्रामीण अंचलों में आर्थिक, सामाजिक और सहकारी सशक्तिकरण को मजबूती देगा।

सहकारिता नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार:

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 2058 पैक्स समितियाँ कार्यरत हैं। इस निर्णय के साथ 532 नवीन समितियों का गठन होने से यह संख्या बढ़कर कुल 2590 पैक्स हो जाएगी। यह 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है, जो देश के किसी भी राज्य में सहकारिता विस्तार की दृष्टि से एक मॉडल उदाहरण बन सकता है।

सहकार भारती की प्रतिक्रिया:

घनश्याम तिवारी, प्रदेश संयोजक, पैक्स प्रकोष्ठ, सहकार भारती छत्तीसगढ़, ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे “छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम” बताते हुए कहा कि इससे सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। सहकार भारती छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम चंद्रवंशी, महामंत्री कनीराम, प्रदेश कोषाध्यक्ष रामप्रकाश केसरवानी, उपाध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा, सौरव शर्मा, श्रीमति जया द्विवेदी, गणेशराम साहू, रामकुमार श्रीवास, रोशन ताम्रकार, महेश सोनी, शैलेन्द्र केशरवानी, मनिंद्र शुक्ला, ललित देवांगन सहित अन्य सभी पदाधिकारियों ने इस निर्णय पर गर्व और हर्ष व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ में सहकारी नवजागरण की शुरुआत बताया।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close