July 26, 2026 |
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अवैध उत्खननछत्तीसगढ़

क्या खनिज विभाग को जागने के लिए किसी निर्दोष की मौत का इंतजार, अवैध खनन सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए भी गंभीर खतरा – अंकित

सीएम के निर्णय पर अंकित गौरहा का बयान - बेलतरा में माफिया राज खत्म करना है तो राजनीतिक संरक्षण पर प्रहार जरूरी

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर । बेलतरा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। हाल ही में हुई दर्दनाक घटना के बाद यह प्रश्न जोर पकड़ रहा है कि क्या खनिज विभाग को हर बार जागने के लिए किसी निर्दोष की मौत का इंतजार करना पड़ेगा?

मुख्यमंत्री विष्णुदेव सांय के निर्देश पर संयुक्त टीम का गठन

हालांकि,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और कलेक्टर के मार्गदर्शन में पुलिस,राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम के गठन की घोषणा की गई है। कागजों में यह कदम सख्त और प्रभावी नजर आता है, लेकिन आम जनता के मन में अब भी संशय बना हुआ है कि क्या यह कार्रवाई वास्तव में जमीन पर दिखेगी या सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

सरवन देवरी रेत घाट में नायब तहसीलदार पर जानलेवा हमले का प्रयास

इस पूरे मुद्दे को सबसे पहले प्रमुखता से उठाने वाले कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बेलतरा में लंबे समय से अवैध खनन माफियाओं का बोलबाला रहा है, पूर्व में भी सरवन देवरी रेत घाट में नायब तहसीलदार नायब राहुल साहू पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया था। लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया था।

नाबालिग अमित कश्यप की मौत से बढ़ा आक्रोश

गौरहा ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर पहले ही सख्ती दिखाई जाती, तो शायद आज नाबालिक अमित कश्यप को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती, लगातार एक के बाद एक घटनाएं घट रही है और खनिज विभाग व जिला प्रशासन अपने दायित्व को लेकर गंभीर नहीं है,जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

तीन वर्षों में 17 मौतें,अवैध खनन बेलगाम

रेत और मुरूम का अवैध कारोबार पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। पिछले तीन साल के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। अवैध खनन से जुड़े हादसों में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में सबसे ज्यादा बच्चे और कम उम्र के लड़के शामिल हैं।जिले में सिर्फ 4 रेत घाट मंजूर हैं लेकिन असलियत में 24 से ज्यादा जगहों पर अवैध रूप से खनन माफिया दिन रात खनन कर रहें हैं ।

मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत

उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देश पर संयुक्त टीम के गठन के निर्णय का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि यदि यह कार्रवाई ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ जमीन पर उतरी,तो वह स्वयं मुख्यमंत्री,कलेक्टर और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करेंगे,लेकिन यह सिर्फ दिखावे तक सीमित रही,तो कांग्रेस पार्टी और वे स्वयं इस मुद्दे को और भी मजबूती से जनता के बीच उठाएंगे।

ग्रामीणों का जीवन खतरे में

ग्रामीणों का भी कहना है कि अवैध खनन सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। तेज रफ्तार डंपर,बिना सुरक्षा के खनन और प्रशासनिक उदासीनता ने कई परिवारों को दर्द दिया है।

बड़ा सवाल अब भी बरकरार

अब सबसे बड़ा सवाल यही है,क्या बेलतरा में खनन माफियाओं पर सच में अंकुश लग पाएगा, या फिर यह कार्रवाई भी कुछ दिनों की हलचल के बाद ठंडी पड़ जाएगी,फिलहाल,पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है,जबकि कांग्रेस नेता अंकित गौरहा इस मुद्दे को लेकर लगातार सक्रिय बने हुए हैं और ग्रामीणों के हक की लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं।

Prachand Prahar

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