August 17, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

मनरेगा में लाखों के गबन का आरोप: फर्जी हाजरी की जांच तेज, दूसरी बार तलब हुए सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकमहिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता हेतु गायनेकोलॉजी अवेयरनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्नकौन बनेगा फुटबॉल सम्राट’ प्रतियोगिता के विजेताओं का अमर अग्रवाल ने किया सम्मानCBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंक
छत्तीसगढ़जिला पंजीयकटॉप न्यूजप्रदेशबिलासपुरहड़ताल

दस्तावेज़ लेखक एवं स्टाम्प वेंडर संघ की अनिश्चित कालीन हड़ताल, सुगम ऐप का विरोध, वित्त मंत्री हाय-हाय के लगे नारे, अनिश्चित कालीन हड़ताल बनी जनता के लिए आफ़त

जिला पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों का हल्लाबोल प्रदर्शन

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। छत्तीसगढ के बिलासपुर में सुगम ऐप के विरोध एवं कई लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ दस्तावेज़ लेखक एवं स्टाम्प वेंडर संघ आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए है। बता दे कि उक्त हड़ताल के कारण आज जिला एवं उप पंजीयक कार्यालय में कामकाज ठप रहा। वही कार्यालय के बाहर सैकड़ो की संख्या में दस्तावेज़ लेखक और स्टाम्प वेंडर मौजूद रहे।

इस दौरान आक्रोशित दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्णय का विरोध करते हुए वित्त मंत्री हाय हाय, ओ पी चौधरी होश में आओ के नारे लगाते हुए जिला पंजीयक कार्यालय में हल्लाबोल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संघ ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि मंत्री ओपी के द्वारा हमे दलाल और बिचौलिया जैसे शब्दों से संबोधित किया गया है, जिससे हमारे अंतर्मन को बहुत ठेस पहुंचा है। हम वर्षों से एक अर्धशासकीय सेवक के तौर पर अपनी सेवा देते हुए शासन के राजस्व में बढ़ोतरी के लिए सदैव तत्पर रहते आए हैं, हम आमजनमानस और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में वर्षों से पीढ़ी दर पीढ़ी कार्य करते हुए प्रतिवर्ष अरबों रुपए की राजस्व बढ़ोत्तरी में शासन का योगदान देते चले आ रहे है।

इसके बावजूद हमारे योगदान को अनदेखा कर सुगम ऐप को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। साथ ही हमारे खिलाफ वित्त मंत्री छत्तीसगढ शासन के द्वारा अशोभनीय व दलाल शब्द का उपयोग किया गया है, जो असंवैधानिक है । सम्माननीय पद पर बैठे वित्त मंत्री महोदय को अपनी इस भूल को सुधार करने की जरूरत है। चूंकि हमे कार्य करने का लाइसेंस जिला कलेक्टर ऑफ स्टाम्प के द्वारा प्रदान किया जाता है, इसलिए हमारे लिए ऐसे अपमानजनक शब्दों का उपयोग करना पूरी तरह अशोभनीय और असंवैधानिक है। हमे दलाल, बिचौलिया कहना हमारा अपमान है, हम इसका खुले मंच से विरोध करते है।

हड़ताल के संबंध में दस्तावेज़ लेखक एवं स्टाम्प वेंडर संघ के अध्यक्ष सैय्यद इमरान अली ने बताया कि प्रदेशभर के पंजीयन कार्यालयों में अनेक वर्षों से लगातार अपनी सेवा देने वाले दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडरों के द्वारा अपनी जायज मांगों को पूरा करने और सुगम ऐप के संबंध में शासन का ध्यान आकृष्ट करने विभिन्न चरणों में ज्ञापन सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व में उच्चाधिकारियों से चर्चा करने पर उन्होंने हमें पूर्ण आश्वासन दिया था कि आप लोगों का कार्य यथावत बना रहेगा, जिसके बाद हमने सितंबर माह में आयोजित किए जा रहे हड़ताल को स्थगित कर दिया था। लेकिन छत्तीसगढ शासन ने हमें अंधेरे में रखते हुए सुगम ऐप को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। जिसके कारण लगभग 25000(पच्चीस हजार) दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर, जो अब बेरोजगार होने के कगार पर आ गए हैं।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close