
प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। जमीन हड़पने, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज बनाने का अवैधानिक कारोबार खूब फल – फूल रहा है। जिस पर लगाम लगाने प्रशासन के अफसर नाकामयाब है, क्योंकि यह कारनामे मामले राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव ही नहीं है। झूठा कथन कर मेलनबाई को निःसंतान बताकर उनके पुत्र-पुत्रियों की पैतृक संपत्ति से नाम कटवा दिया गया है। जिससे क्षुब्द होकर उनके बेटे रामावतार, महेंद्र, सन्तोष, प्रसूति, कौशल्या, मधु, सुनबाई, हीराबाई और हीराबाई ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग की है।

मिली जानकारी अनुसार ग्राम छतौना, तहसील – चकरभाठा स्थित खसरा क्रमांक 36, 57,1 51, 164, 222, 223, 231/1 रकबा लगभग 13 एकड़ भूमि के फौत प्रकरण पर मेलनबाई को निःसंतान दिखाते हुए न्यायालय से आदेश करा लिया गया है। जिसमें झूठा कथन कर उनके वारिसों का नाम उनके पैतृक संपत्ति से कटवा दिया गया है । पीड़ितो ने बताया कि उनके विरुद्ध झूठा कथन कर लक्ष्मण साहू, कन्हैया साहू और भागीरथी साहू पिता चमरू उर्फ चमरा के द्वारा पटवारी से सांठगांठ कर नामांतरण, पंजी क्रमांक 237 आदेश दिनांक 29.05.2009 को किया गया है। इनके द्वारा छल कपटपूर्वक पटवारी से सांठगांठ करते हुए उनकी मां मेलन बाई को फौत निःसंतान कहकर उनके पैतृक संपत्ति से बेदखल करने की साजिश की गई है। जबकि उनकी मां मेलन बाई की मृत्यु 23.03.2017 को छतौना में हुई है और उन्होंने कहा कि मेलन बाई के संतान है, फिर भी उन्हें निःसंतान बताते हुए संयुक्त परिवार की पैतृक संपत्ति पर कब्जा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है, उचित जांच कर दोषियों पर आरोप दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।



