July 27, 2026 |
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आवाज उठी थी, अब असर दिख रहा है ! गुरुजनों के सम्मान की लड़ाई, अब निर्णायक मोड़ पर – अंकित गौरहा

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर । शिक्षा विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले तीन महीनों से लगातार आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की मेहनत अब असर दिखाने लगी है। लगातार शिकायतों और दस्तावेजी खुलासों के बाद जहां जिला शिक्षा विभाग में व्यापक परिवर्तन तय माना जा रहा है,वहीं अब संयुक्त संचालक शिक्षा भी कई मामलों से जांच के घेरे में आ गए हैं।

लगातार संघर्ष से बदली तस्वीर

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने पिछले तीन महीनों में शिक्षा विभाग में हो रही अनियमितताओं, पदोन्नति, युक्तिकरण,अनुकंपा नियुक्ति में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी को लेकर भ्रष्टाचार के प्रमाण के साथ 20 से भी अधिक शिकायतें की थी। जिसमें मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव, कलेक्टर, कमिश्नर, संयुक्त,संचालक शिक्षा को शिकायत की गई थी।इन शिकायतों के बाद प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा,जो अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

नई शिकायत से फिर बढ़ी हलचल

ताजा घटनाक्रम में अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक शिक्षा,बिलासपुर को एक और विस्तृत शिकायत सौंपी है, उस मामले में भी जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और बाबू सुनील यादव की मुख्य भूमिका है। जिसमें पदोन्नति आदेशों में गड़बड़ी,न्यायालय के आदेशों की अनदेखी और चयन प्रक्रिया में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के दस्तावेज़ में स्पष्ट उल्लेख है कि कई मामलों में नियमों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से पदोन्नति दी गई और वरिष्ठता सूची की भी अनदेखी की गई।वहीं यह विषय भी सामने आया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद संशोधित आदेश जारी कर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

गुरुजनों के हक की लड़ाई

अंकित गौरहा ने इस पूरे मामले को सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं,बल्कि शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई बताया है। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं होगी,तब तक बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं हो सकता।

राजनीतिक असर और बढ़ती साख

लगातार कार्रवाई और प्रशासनिक हलचल के बीच यह साफ हो गया है कि यह लड़ाई अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं रही, बल्कि परिणाम देने लगी है।डीईओ पर कार्यवाही की प्रक्रिया और जेडी पर बढ़ता दबाव इस बात का संकेत है कि मुद्दा अब उच्च स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।

लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं

गौरहा ने बताया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति, विभाग या राजनीति से प्रेरित नहीं,बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय के लिए है। जब तक गुरुजनों को उनका अधिकार और न्याय नहीं मिलेगा,यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

Prachand Prahar

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