
बिलासपुर। शासन के फैसले और मंत्री ओपी चौधरी के बयान के कारण पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर संघ विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। आज हड़ताल का तीसरा दिन है। जिला एवं उप पंजीयक कार्यालय बिलासपुर सहित प्रदेश में रजिस्ट्री बाधित है। लोग हड़ताल खत्म होने के इंतजार में बैठे है लेकिन शासन के द्वारा अभी तक अपने फैसले को बदलने या अनिश्चित कालीन हड़ताल को लेकर किसी तरह का विचार या फैसला नही किया गया है। संपत्ति रजिस्ट्री पंजीयन के बंद होने से प्रदेश में जमीन कारोबारी से लेकर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्री ऑफिस खुला है लेकिन स्टाम्प वेंडर और दस्तावेज लेखक के हड़ताल से कामकाज ठप पड़ा हुआ है। शासन के अभी तक इस पर किसी तरह का फैसला निर्णय नही लेने से कयास लगाए जा रहे है कि छत्तीसगढ़ दस्तावेज़ लेखक और स्टाम्प वेंडरों को युद्ध स्तर पर हड़ताल जारी रखना पड़ सकता है।

हड़ताल के संबंध में दस्तावेज़ लेखक एवं स्टाम्प वेंडर संघ के अध्यक्ष सैय्यद इमरान अली ने बताया कि प्रदेशभर के पंजीयन कार्यालयों में अनेक वर्षों से लगातार अपनी सेवा देने वाले दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडरों के द्वारा अपनी जायज मांगों को पूरा करने और सुगम ऐप के संबंध में शासन का ध्यान आकृष्ट करने विभिन्न चरणों में ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व मेंउच्चाधिकारियों से चर्चा करने पर उन्होंने हमें पूर्ण आश्वासन दिया था कि आप लोगों का कार्य यथावत बना रहेगा, जिसके बाद हमने सितंबर माह में आयोजित किए जा रहे हड़ताल को स्थगित कर दिया था। लेकिन छत्तीसगढ शासन ने हमें अंधेरे में रखते हुए सुगम ऐप को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। जिसके कारण लगभग 25000(पच्चीस हजार) दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर, जो अब बेरोजगार होने के कगार पर आ गए हैं।



