
प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। समस्याओं परेशानियों के समाधान को लेकर सामान्यतः आम जनमानस को अपने जनप्रतिनिधि, शासन और प्रशासन से आस रहती है कि उनके द्वारा उनकी समस्याओं का समाधान जरूर किया जाएगा। लेकिन ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है कि किसी जनप्रतिनिधि ने शासन के शासक या प्रशासन ने आगे बढ़कर लोगो को उनकी समस्याओं से निजात दिलाया हो। बल्कि उल्टा इनसे संबंधित नकारात्मक सूचनाएं सुर्खियों में रहती है।

छत्तीसगढ़ में जहां एक तरफ प्रदेश सरकार सुशासन का दावा करती है वही दूसरे तरफ प्रदेश के कई स्थानों में केवल कुशासन की छाया ही नजर आती है। अगर यह कहें कि डबल इंजन के सहारे प्रदेश में विकास की गाड़ी अपनी रफ्तार ही नहीं पकड़ पा रही है, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह हम नही कह रहे, प्रदेश में आए दिन घट रही घटनाए लोगो की जुबान पर है, जो इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है।
बिना अनुमति बुल्डोजर चलवाने का गंभीर आरोप
आए दिन कहीं ना कहीं से अत्याचार, अन्याय और विभिन्न समस्याओं की सूचनाएं मीडिया की सुर्खियां बनी रहती है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित ग्राम पंचायत सीस से निकलकर सामने आया है, जहां ग्राम सीस निवासी श्रीमति अश्वनी डिक्सेना पति सरजू राम डिक्सेना ने अपने साथ हो रहे अन्याय को लेकर शासन प्रशासन से लेकर क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक से भी गुहार लगाई है। इन्होंने गांव के सरपंच के पति पर उसके साथ भेदभाव करने, चरित्र पर लांछन लगाने सहित धमकी देकर घर के बाउंड्रीवाल पर बिना अनुमति के बुलडोजर चलवाने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता से मिली जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सीस की सरपंच मालती डिक्सेना के पति जगमोहन डिक्सेना के द्वारा भेदभाव पूर्वक षड्यंत्र करके उन्हें वर्षो से काबिज उनकी भूमि से जिसका कब्जानामा कैफियत में भी दर्ज है । उससे बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, साथ ही चरित्र हनन तथा अश्लील गाली गलौच देने का कुत्सित प्रयास करने का आरोप है। जिसके पीड़ित महिला और उसके परिवार पर बड़ा संकट आ पड़ा है।
बलपूर्वक उनकी जमीन से बेदखल का प्रयास
पीड़ित महिला अश्वनी डिक्सेना ने बताया कि वह ग्राम सीस में स्वास्थ्य मितानिन के पद पर कार्यरत है तथा सीस से पाली जाने वाले मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि खसरा नंबर 24 रकबा 13.0310 हेक्टेयर के अंश भाग रकबा लगभग 1.50 एकड़ (डेढ़ एकड़) जमीन पर लगभग 20 से 25 वर्षो से काबिज होकर, मकान व बाड़ी बनाकर अपना और परिवार का भरण पोषण कर रही है। लेकिन अब उनके साथ भेदभाव, ईर्ष्या और रंजिश रखकर षड्यंत्र करते हुए सरपंच मालती डिकसेना का पति जगमोहन डिकसेना और उसका भाई बृजमोहन डिकसेना के द्वारा बलपूर्वक उनकी जमीन से बेदखल करने के साथ ही उनके चरित्र पर भी लांछन लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी शिकायत शासन, प्रशासन से लेकर सक्षम स्तर तक की गई है । लेकिन उनकी कोई नही सुन रहा है।
मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मुझे बदनाम कर रहे
उन्होंने आरोप लगाया कि जगमोहन और बृजमोहन डिक्सेना पिता स्व. जुमना प्रसाद डिक्सेना निवासी ग्राम सीस जो कि दोनो भाई आए दिन मेरे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मुझे बदनाम कर रहे है और वर्षो से काबिज भूमि में बने बाउंड्री वॉल को बिना सूचना दिए मेरी अनुपस्थिति में अवैध तरीके से तोड़ दिए है । उन्होंने आरोप लगाया कि दिनाँक 02/07/24 को दोपहर में लगभग 12 से 3 बजे तक वह पंचायत के टीकाकरण में गई थी, इस बीच जब वह अपने घर पर नहीं थी, तब सरपंच मालती डिक्सेना पति जगमोहन डिक्सेना, सरपंच पति जगमोहन डिक्सेना एवं उप सरपंच राम लखन जायसवाल द्वारा बगैर किसी सूचना दिए यहां बनाए गए बाउंड्री वॉल को बलपूर्वक गैरकानूनी तरीके से पक्षपात पूर्ण कार्यवाही कर तोड़ दिया गया है। जबकि उक्त काबिज भूमि पर स्थगन आदेश जारी हुआ है, जिसका मामला अभी तहसीलदार रतनपुर कार्यालय में चल रहा है।
ग्राम पंचायत के लगभग 10 पंच भी शासकीय भूमि पर काबिज होकर रह रहे है ।
उन्होंने बताया कि वह जिस शासकीय भूमि पर वर्षो से मकान व बाड़ी बनाकर अपना जीवन यापन कर रही है, वहां बस्ती बनाकर गांव के अन्य लोगो के द्वारा भी शांतिपूर्ण तरीके से निवास किया जा रहा है, ग्राम पंचायत के लगभग 10 पंच भी शासकीय भूमि पर काबिज होकर रह रहे है। इस शासकीय भूमि पर हमारे अलावा और भी बहुत से लोग कब्जा कर मकान बनाए है, लेकिन सरपंच पति के द्वारा केवल ईर्ष्या रंजिश रखकर हमारे द्वारा बनाए गए बाउंड्री वॉल को गैर कानूनी तरीके से कानून को हाथ में लेकर तोड़ दिया गया है। जबकि जगमोहन डिकसेना सरपंच नही है, उसकी पत्नी सरपंच है, इन लोगो को कोई अधिकार प्राप्त नहीं है, उसके बावजूद भी इस घटना को अंजाम दे दिए है, जिससे कारण पीड़ित महिला को बहुत अधिक आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। मेरे पति सरजू राम डिक्सेना का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज है एवं जिसका जुर्माना भी मेरे पति के द्वारा पटाया जा चुका है। इसके बाद भी दोनों भाई के द्वारा मेरे काबिज भूमि को हड़पने की कोशिश की जा रही है और इन दोनो भाइयों के द्वारा पूरे गांव में मुझे बदचलन, आवारा, और चरित्रहीन बोलकर बदनाम किया जा रहा है। जिसके कारण मेरा गांव में कही आना जाना दुभर हो गया है। अपने आप को बहुत लज्जित व अपमानित महसूस कर रही हूं, जिसके कारण बहुत आहत हूं।
मेरे अधिकारी को बड़े पावरफुल नेता से फोन लगवाकर मुझे मितानिन के पद से हटवाना चाहते है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के संबंध में उनके द्वारा थाने ने शिकायत दर्ज कराई गई थी, इसी बात से दोनो भाई मुझसे चिढ़ गए है और ग्रामवासी के समक्ष बदनाम कर रहे है। दोनों भाई गांव मे रसूखदार बनकर चलते हैं, उनके विरुद्ध जो कोई भी बोलता है उसे किसी ना किसी बहाने परेशान किया जाता है । बृजमोहन डिक्सेना जो कि एक शासकीय शिक्षक भी है, वह जब भी मुझे आते जाते देखता है तब धमकी देता है कि तुमको गांव में नही रहने दूंगा, निपटा दूंगा, उसका मेरे प्रति नीयत भी ठीक नहीं है। मेरे अधिकारी को बड़े पावरफुल नेता से फोन लगवाकर मुझे मितानिन के पद से हटवाना चाहता है। मेरी रोजी रोटी को दोनो भाई छीनने का प्रयास कर रहे है, और कभी भी दोनो भाई मेरे साथ अप्रिय घटना घटित कर सकते है।
घर पर अकेली रहती हूं, इन लोगो से मुझे हर समय भय बना रहता है।
उन्होंने बताया कि उक्त लोग मुझे लगभग 10 वर्षो से परेशान कर रहे है, मेरे पति बाहर कमाने खाने चले जाते है, मैं घर पर अकेली रहती हूं, इन लोगो से मुझे हर समय भय बना रहता है, जिसके कारण मुझे थाने में शिकायत करनी पड़ रही है। दोनो भाई अपने पद और पॉवर का गलत फायदा उठा रहे है, जिनके ऊपर कानूनी कार्यवाही किया जाना बहुत जरूरी हो गया है। इन लोगो से मेरे जान व इज्जत दोनो का खतरा है या अन्य किसी के द्वारा मुझे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
शासन प्रशासन से उचित न्याय की मांग
जिसके बाद मेरे द्वारा जगमोहन और बृजमोहन डिक्सेना पिता स्व. जुमना प्रसाद डिक्सेना निवासी ग्राम सीस के विरुद्ध गांव में अश्लील, बदचलन, और चरित्र पर लांछन लगाने, भेदभाव और धमकी देने की शिकायत दर्ज करा शासन प्रशासन से उचित न्याय दिलाते हुए इन दोनो भाई के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की गई है।
अब देखना यह होगा कि पीड़ित मितानिन के द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर शासन प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और इस गंभीर आरोप पर किस तरह की कार्यवाही करता है



