पुलिस कप्तान के सख्त निर्देश का हुआ असर, एफआईआर के तत्काल बाद हत्या के आरोपियो को तारबहार पुलिस ने धर दबोचा
सायबर सेल एवं तारबाहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर, हरिओम की हत्या के 06 आरोपियो को किया गिरफ्तार,

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। लेनदेन के विवाद में हुए हत्या की गुत्थी को सुलझाने में बिलासपुर पुलिस को सफलता मिली है। विदित हो कि 7 यूवकों ने मिलकर एक युवक का अपरहण कर उसकी बेरहमी से पिटाई करते हुए मार डाला, इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद शहर में हलचल सी मच गई, मृतक के परिजनों ने हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के द्वारा आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के सख्त निर्देश पर एफआईआर के तत्काल बाद तारबहार पुलिस एवं सायबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपियो को धर दबोचा।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि दिनांक 24.10.2024 को मृतक हरिओम का अस्पताली मेमो पर मर्ग क्रमांक 22/2024 धारा 194 बीएनएसएस के तहत थाना तारबाहर में पंजीबद्ध कर जांच कार्यवाही में लिया गया जांच दौरान प्रकरण में मृतक हरिओम की हत्या मृत्यु संदिग्ध होने से पुलिस अधीक्षक द्वारा गंभीरता से जांच करने हेतु निर्देशित किया गया निर्देशानुसार थाना तारबाहर में अपराध क्रमांक 333/2024 धारा-103(1), 238, 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।

मृतक हरिओम के परिवारजनो एवं अन्य गवाहो से जांच दौरान यह तथ्य सामने आया कि संदेही इन्द्रजीत एवं सुयश नाम के व्यक्ति के द्वारा लेनदेन के संबंध में विवाद था। जिसे घटना दिनांक को आरोपियो द्वारा फोन किया गया था मुखबीर सूचना व तकनीकी साक्ष्य के आधार पर संदेही आरोपी सुयश सिंह, सक्षम पाण्डेय, संतोष सोनी, तुषार मजुमदार, दामन सिंह, हर्षित गौरहा को पकडकर थाना लाया गया पूछताछ के दौरान संदेही आरोपी द्वारा अपराध करना स्वीकार किया आरोपीगणो से मेमोरेण्डम कथन लेकर घटना में इस्तेमाल मोटर सायकल, डण्डा को जप्त किया गया है आरोपियो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है।

संपूर्ण कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सायबर सेल) अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी कोतवाली) अक्षय साबद्रा, थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश गुप्ता, उनि अजरूद्दीन एवं श्रवण टंडन प्रआर. आतिष आर. दीपक, अभिजीत, संजय, तदवीर, निखिल, अविनाश, मुरली भार्गव, रूपलाल चंद्रा का विशेष योगदान रहा।



