October 24, 2026 |
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भगवत कृपा बिना कुछ भी संभव नहीं, जूना बिलासपुर में बह रही भक्ति की अविरल रस धारा, मन की शुद्धि के लिए इससे बड़ा कोई आयोजन नहीं

"हरि अनन्त, हरि कथा अनंता" हरि कथा के श्रवण मात्र से ही व्यक्ति कई पापों से मुक्त हो जाता हैं - शिवप्रताप साव 

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर । शहर के जूना – बिलासपुर में इन दिनों चल रहे श्रीमद भागवत कथा माहात्म्य में भक्ति की अविरल धारा का श्रद्धालु रसपान कर रहे है। भक्तिरस में सराबोर श्रद्धालु, भगवन्नाम संकीर्तन कर अपने जीवन को कृतार्थ कर रहे हैं। सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा माहात्म्य का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ।

कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु गण शामिल रहे। यहां प्रतिदिन धार्मिक पूजा विधि, मंत्रोच्चारण के साथ श्रीमद भागवत वेद पुराण, कथाव्यास की पूजा अर्चना एवं भव्य आरती के साथ आकर्षक झांकी भी सजाई जा रही है जिनकी लोग काफी सराहना कर रहे है।

भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं…

श्रीमद्भागवत की कथा देवताओं को भी दुर्लभ है। यह भागवत की कथा भगवान की कृपा से प्राप्त हो पाती है। श्रीमद्भागवत की कथा भगवान की प्राप्ति कराने वाली है। यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की ओर आगे बढ़ाती है और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद्भागवत की कथा सात दिवसीय एक ऐसा आयोजन है। जिसमें सात सोपान है श्रीमद्भागवत में भक्तों की ऐसी दिव्य कथाएं हैं। जिनको सुनकर हृदय में भक्ति का प्रादुर्भाव होता है और साथ ही साथ मनुष्य के जीवन में सुधार होता है। मन की शुद्धि के लिए इससे बड़ा कोई आयोजन नहीं है।

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भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती। कहा जिस स्थान पर कथा होती है । वहां भगवान विराजमान होते हैं । भगवन नाम के जप से सारे विपत्तियों का नाश हो जाता हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य को समाज में अच्छे काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य सत्कर्म की राह पर है तो उसे सदा अच्छा फल मिलता है व बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है। एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का। दोनों ही मार्गो में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा की तृप्ति नहीं होती है।

 “हरि अनन्त, हरि कथा अनंता” हरि कथा के श्रवण मात्र से ही व्यक्ति कई पापों से मुक्त हो जाता हैं – शिवप्रताप साव

इस अवसर पर श्री चंद्रपुरिहा कसौंधन वैश्य समाज के संरक्षक शिवप्रताप साव ने कहा; “हरि अनन्त, हरि कथा अनंता” हरि कथा के श्रवण मात्र से ही व्यक्ति कई पापों से मुक्त हो जाता हैं। श्रीमद भागवत के पाठ, कथा श्रवण, मनन से कलियुग में समस्त दोषों का निवारण सम्भव है और प्राणिमात्र के समस्त संकट दूर हो जाते है। श्रीमद भागवत कथा जीवन के उद्देश्य तथा दिशा को दर्शाती हैं। भगवान श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से बुराई और सदाचार के बीच अंतर बताया है। ईश्वर को धन, दौलत, भोग, भंडारे से कोई सरोकार नहीं, वह तो केवल सच्चे मन से की गई आराधना के अधीन होते है। वह तो प्राणिमात्र के केवल प्रेम को जानते है और भगवान को भी अपने भक्त की भक्ति के आगे झुककर सहायता के लिए आना ही पड़ता है। जब तक भक्तों का मन पवित्र नहीं होगा तब तक भागवत कथा श्रवण का लाभ नहीं मिल सकता।

उक्त धार्मिक अनुष्ठान भक्तिमय आयोजन श्री मद भागवत कथा को सफल बनाने प्रमुख रूप से चंद्रपुरिहा कसौंधन वैश्य समाज के संरक्षक शिवप्रताप साव, सुधीर गुप्ता, कमलकिशोर गुप्ता, आशुतोष साव, अमितराज गुप्ता सहित चंद्रपुरिहा कसौंधन वैश्य समाज की नगर इकाई, नवयुवक समिति और महिला मण्डल द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है।

Prachand Prahar

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