September 10, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

बेलतरा में भव्य तीजा तिहार, CM की घोषणाओं से बढ़ी उम्मीद; विकास को लेकर विपक्ष के सवाल भी बरकरारयुक्तियुक्तकरण जांच में पूर्व डीईओ दोषी, प्रभारी लिपिक को क्लीनचिट पर उठे सवालशहर में कौन, कहां से आया? 23 संदिग्धों ने बढ़ाई पुलिस की पड़तालबिलासपुर की सियासत में नेतृत्व का अकाल या विरासत की राजनीति? अब उद्योगपति प्रवीण झा संभालेंगे शहर के विकास की कमान ? विश्व फोटोग्राफी दिवस पर बिलासपुर फोटोग्राफर संघ द्वारा फोटो प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजितमनरेगा में लाखों के गबन का आरोप: फर्जी हाजरी की जांच तेज, दूसरी बार तलब हुए सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकमहिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता हेतु गायनेकोलॉजी अवेयरनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्नकौन बनेगा फुटबॉल सम्राट’ प्रतियोगिता के विजेताओं का अमर अग्रवाल ने किया सम्मानCBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता
छत्तीसगढ़देशप्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ प्रवासबिलासपुर

प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल, छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया गया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है।

एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास

यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close