April 23, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

क्या खनिज विभाग को जागने के लिए किसी निर्दोष की मौत का इंतजार, अवैध खनन सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए भी गंभीर खतरा – अंकितशिक्षा घोटाले में कार्रवाई शुरू, अंकित गौरहा की शिकायत से खुली परतें, अब बड़े चेहरों पर कब होगी कार्रवाई.?संगठन सृजन अभियान: शहर कांग्रेस (ब्लॉक 2) के वार्डो में बैठकों का प्रथम चरण पूर्णभाजपा महिला मोर्चा ग्रामीण की जिला एवं मण्डल टीम की घोषणा, कार्यकर्ताओं में हर्ष, देखिये सूचीसोशल मीडिया बना सटोरियों का खुला बाजार, कल आरोप, आज चुप्पी – भाजपा की सियासत का दोहरा चेहरा.? – अंकित गौरहाबेलतरा के वार्डो में विकास कार्यों की बयार, विधायक सुशांत शुक्ला की पहल, निगम के 10 वार्डों में 68 कार्य के लिए 10 करोड़ की मिली स्वीकृतिविकसित भारत “जी राम जी” (मनरेगा) – बिना काम किए घर बैठे मिल रहा मजदूरी का भुगतान ? शासकीय राशि का बंदरबाट ?, सीईओ ने जॉच दल का किया गठन, भिलौनी पंचायत का मामलाछत्तीसगढ़ का पहला मंदिर, असम, गुवाहाटी के स्वरूप में हुआ मंदिर का निर्माण, मां कामाख्या के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल (BPS) मान्यता विवाद: सीबीएसई के नाम पर हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ?साइंस कॉलेज मैदान बना विवाद और विरोध का केंद्र, बंदिशों के खिलाफ छात्रों की आवाज बुलंद, खिलाड़ियों के समर्थन में उतरे अंकित गौरहा
छत्तीसगढ़प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ प्रवासबिलासपुरमहिला सशक्तिकरणसांस्कृतिक

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भेंट: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।

महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत

बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।  यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है।

मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है। बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close