आख़िरकार ओवरलोड ट्रेलर चालक की गई जान ! NTPC के ठेकेदारों पर किस बात की मेहरबानी? कलेक्टर से लेकर CM तक शिकायत, फिर भी कार्यवाही नही

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर । शनिवार की सुबह एनटीपीसी सीपत के राखड़ बांध से निकली एक गाड़ी के पलटने से बड़ा हादसा हो गया है। बताया जा रहा है कि डेम से नीचे उतरते समय यह वाहन पलट गई, गाड़ी पलटने के कारण ड्राइवर केबिन में ही फंस गया और उसकी मौत हो गई। मिली जानकारी अनुसार मृतक की पहचान शुभम केवट पिता त्रिलोचन केवट उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम पोंच, थाना बलौदा, जिला जांजगीर चांपा के रूप में हुई है ।

जानकारी अनुसार मृतक शुभम एनटीपीसी सीपत के राखड़ बांध से राखड लोड कर पत्थलगांव खाली करने जा रहा था। इस दौरान वाहन जैसे ही डेम से नीचे उतरा, गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई । इस दुर्घटना में मौके पर ही ड्राइवर शुभम की मौत हो गई।
शासन – प्रशासन एवं एनटीपीसी प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार
घटना के बाद क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मृतक के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी और घटना के लिए शासन – प्रशासन एवं एनटीपीसी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए अपना आक्रोश भी जताया। संघ के सदस्यों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना आज सुबह रलिया सुखरीपाली डेम के पास की है । जिसका मुख्य कारण ज्यादा बड़ा बड़ा ट्राला बनवाकर व 18 से 20 इंच का लर लगवाकर, अधिक फायदे के लिए प्रतिदिन 500 से 600 ओवरलोड गाडियां राखड एनटीपीसी सीपत के रालिया डेम से निकाल रहे हैं । इस डेम की चढ़ाव व ढलान की गहराई बहुत ज्यादा है, जिसके कारण ड्राइवर को ब्रेक लगाने में काफी दिक्कत होती है व ब्रेक सही नहीं लगता है एवं गाड़ी ज्यादा ओवर लोड होने की स्थिति में सामने हॉर्स को धक्का देता है जिससे गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो जा रही है।
ओवरलोड गाड़ियां असंवैधानिक व गैर कानूनी, उसे नही कराया जा सका बंद
उन्होंने बताया कि हमने पूर्व में ही ओवरलोड राखड़ गाड़ियों को एनटीपीसी सीपत से पूर्ण रूप से बंद करने 4 बार जिला के मुखिया से लेकर शासन प्रशासन, एनटीपीसी सीपत प्रबंधन व छत्तीसगढ़ सरकार को भी लिखित में आवेदन दिया है। लेकिन आज दिनांक तक ओवरलोड गाड़ियां जो कि असंवैधानिक व गैर कानूनी है उसे बंद नही कराया जा सका है और ना ही इस कार्य को बढ़ावा देने वाले एनटीपीसी सीपत प्रबंधन, ठेकेदार व ओवरलोड चलाने वाले ट्रांसपोर्टरों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं।
एनटीपीसी के राखड बाँध से जनजीवन हो रहा पूरी तरह बर्बाद
उन्होंने बताया कि इन ओवरलोड गाड़ियों की वजह से गतोरा का पुल टूट गया है व गतोरा से रलियां डेम जाने वाला पुल भी टूटने की कगार में है, सीपत से बलौदा मार्ग भी पूर्ण रूप से क्षति ग्रस्त हो गया है । राखड बाँध से डस्ट भरकर निकलने वाले ओवर लोड वाहनों से सड़क पर राखड डस्ट गिरता है । इससे पर्यावरण की अपार क्षति हो रही है, वातावरण प्रदूषित हो रहा है। एनटीपीसी के राखड बाँध से जनजीवन पूरी तरह बर्बाद हो रहा है, राखड भरे वाहनों से पूरा क्षेत्र एवं इससे उड़ने वाले धुल से कई गांवों के खेत, जल स्त्रोत, घर सहित पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है । इसके बावजूद 10 चक्का वाहनों से 60 से 80 टन राखड एनटीपीसी के अधिकारियो से मिलीभगत कर परिवहन किया जा रहा, जिस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पत्र जारी
विदित हो कि क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोशिएशन सीपत ने एनटीपीसी से राखड़ सप्लाई करने वाले ठेकेदारों के ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कलेक्टर से लेकर सीएम तक शिकायत की है, फिर भी सीपत एनटीपीसी से राखड़ लेकर जाने वाले ओवरलोड वाहनों पर किसी प्रकार की कार्यवाही अब तक नही की जा सकी है। इस बाबत कलेक्टर ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पत्र भी जारी कर दिया है। अब देखना होगा कि कानून के उलंघन करने वाले सीपत एनटीपीसी के ठेकेदारों के वाहनों पर आरटीओ कब तक कार्यवाही करती है और क्या कार्यवाही करती है?



