प्रचंड प्रहार न्युज नेटवर्क/बिलासपुर। बिलासपुर के मतदाता का नाम भिलाई नगर विधानसभा के वार्ड में कैसे और क्यों शामिल कर लिया गया ? जिस बीएलओ की गलती बताई जा रही है उस बीएलओ को क्या कोई सपना आया था कि विजय केशरवानी के नाम को नर्मदा नगर के मतदाता सूची से हटाकर भिलाई नगर के वार्ड की सूची में शामिल कर दिया जाए। यह गफलत किस स्तर पर हुआ और किसने किया यह आयोग को बताना होगा। यह कहना है जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और बेलतरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके विजय केशरवानी का.. उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रतिबद्ध मतदाताओं को योजनाबद्ध तरीके से टारगेट किया जा रहा है तथा मतदाता सूची में चुपचाप और साजिशन हेरफेर की जा रही है।

केशरवानी ने पत्रकारवार्ता में दस्तावेजों के साथ आरोप लगाया कि उनका स्थायी निवास नर्मदा नगर में होने के बावजूद उनका नाम सैकड़ों किलोमीटर दूर भिलाई नगर की मतदाता सूची में शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि “बीएलओ को दिए गए फार्म में स्पष्ट पता होने के बावजूद अचानक भिलाई में नाम दर्ज होना कोई गलती नहीं, बल्कि सोची-समझी चाल है।
लोकशाही की सबसे खतरनाक स्थिति
विजय केशरवानी ने कहा कि उन्होंने नामांकन के दौरान नर्मदा नगर का पता और आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे, फिर भी उनका वोट स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी “अगर मेरे साथ यह हो सकता है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम मतदाताओं के साथ भी हो सकता है। यह सिलसिला रोकना ज़रूरी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आयोग एक साथ मिलकर कांग्रेस समर्थकों को वोटिंग प्रक्रिया से बाहर करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा “आयोग चाहे तो आपका नाम जहां चाहे रख दे, चाहे तो हटा दे। यह लोकशाही की सबसे खतरनाक स्थिति है।”
शहर से गांव तक चलाएंगे अभियान
कांग्रेस नेता ने घोषणा कि इस मुद्दे पर शहर से गांव तक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को भी स्थिति से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि “अब समय आ गया है कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सतर्क हो। परिवार, परिचित और हर प्रतिबद्ध मतदाता अपने वोट की स्थिति ज़रूर जांचे।”
बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़ भाजपा और आयोग के निशाने पर
विजय केशरवानी ने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा उठाया गया वोट-चोरी का मुद्दा बिल्कुल प्रमाणित और सच है। उन्होंने कहा “बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़ भाजपा और आयोग के निशाने पर है।” एसआईआर और आयोग के षड़यंत्र का सबसे बड़ा शिकार तो मैं हुआ हूं। एसआईआर के बहाने आयोग क्या कुछ कर रहा है. इससे बड़ा प्रमाण और क्या होगा।
विरोधी को घुसपैठियां साबित करने सुनियोजित खेल
विजय केशरवानी ने चुनाव आयोग से पूछा है कि जब 2023 और 2025 की मतदाता सूचियों में उनका नाम भिलाई में दर्ज नहीं था, तो अचानक अब कैसे शामिल हो गया? भिलाई के बीएलओ के पास उनका फार्म कैसे पहुंचा? किसने और किसके निर्देश पर यह अपलोड किया गया? उन्होंने कहा यह लिपिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि मतदाता सूची से नाम हटाने और विरोधी को घुसपैठिया साबित करने का सुनियोजित खेल है।



