October 24, 2026 |
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छत्तीसगढ़बिलासपुर

जनसमस्या: मस्तूरी से जयरामनगर मोड़ बनी हादसे की जगह, जर्जर सड़क के गड्ढों में जलभराव की समस्या, ग्रामीण परेशान…

कई ग्रामीण जर्जर सड़क पर आवागमन के दौरान गड्ढों में पानी भरे रहने के कारण गाड़ी से गिरने के कारण चोटिल भी हुए है।

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। पानी की उचित निकासी और जर्जर सड़कों की मरम्मत एक साथ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। पानी की निकासी की कमी से जलभराव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। जिससे सड़कों को नुकसान तो होता ही है पर यातायात भी बाधित होता है. जर्जर सड़कों से यात्रा करना मुश्किल और खतरनाक होने के साथ ही काफी असुविधाजनक होता है ।

विदित हो कि मस्तूरी से जयरामनगर मोड़ के पास, जयरामनगर जाने वाली सड़क हादसे की जगह बन चुकी है, पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण रोड में पानी भर गया है जिसके कारण लोगों को आने जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के कई ग्रामीण जर्जर सड़क पर आवागमन के दौरान गड्ढों में पानी भरे रहने के कारण गाड़ी से गिरने के कारण चोटिल भी हुए है।

जल भराव की समस्या विकराल…

मस्तूरी से जयरामनगर मार्ग में मोड़ के पास स्थित सड़क लम्बे समय से जर्जर हालत में है। हल्की सी बारिश होने पर भी सड़क में पानी भर जाता है। इससे यहां से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बरसात का पानी सड़क में भर गया है। जिससे लोगों को आने जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को इसके बारे में शायद जानकारी नहीं या जानकर भी अंजान हैं और शायद यही वजह है कि आज तक सड़क को बनाने या जलभराव की समस्या से निपटने कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।

इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। एक ओर जहां केंद्र और राज्य सरकार गांव और शहर को जोड़ने के लिए सड़को का जाल बिछा रही हैं। नाली, नालो के माध्यम से जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी कर रही है वहीं ग्रामीण अंचलों के विकास क्रम की दिशा मे मस्तूरी क्षेत्र के ग्रामीण अपने गाँव की बदहाली से लगातार जुझते आ रहे है। बारिश होते ही मस्तूरी से जयरामनगर पहुंच मार्ग में मोड़ के पास लोगों को जल बहाव और जल भराव की समस्या से दो चार होना पड़ता है।

जनप्रतिनिधि वादे करते हैं निभाते नहीं…

सड़क पर पानी भरने के कारण ग्रामीण अपने जरूरी काम में जाने से भी परहेज करने लगे हैं। गंदे कीचड़युक्त पानी को पार करके जाना पड़ता है। कई बार जलभराव के कारण दो पहिया वाहन चालक सड़क दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। अब तो पैदल चलना भी मुश्किल है। पंचायत के जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि जनप्रतिनिधि चुनावों के वक्त आते हैं, वादे करते हैं और फिर पांच साल तक गुम हो जाते हैं। प्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों में जमकर नाराजगी है । लोगों को आने जाने में दुश्वारी झेलनी पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार इसे नजरंदाज किए हुए हैं।

💥 अब देखने वाली बात यह होगी कि इस गंभीर जनसमस्या का समाधान सुशासन सरकार में कब तक हो पाएगा ? क्या जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि  इस विकराल समस्या का समाधान कर पाएंगे या आमजनता को लगातार समस्या से दो चार होना पड़ेगा?

Prachand Prahar

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