October 24, 2026 |
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कांग्रेस का संगठनात्मक शक्ति परीक्षण शुरू? वोट बचाओ अभियान की तैयारी तेज, 27 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे AICC प्रभारी

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने ली संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा, 1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने पर जोर; अब अभियान को जमीनी स्तर पर कितना मजबूत कर पाती है कांग्रेस, रहेगी नजर

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क / बिलासपुर।

वोट, लोकतंत्र और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को गति देने के लिए बिलासपुर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक चर्चा हुई।

अभियान के शहर प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यक्रमों और संगठन की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, राजनीतिक अभियानों की असली कसौटी बैठकों और नारों से आगे बढ़कर जनता तक पहुंचने तथा ठोस मुद्दों पर संवाद स्थापित करने में होती है।

दिल्ली रैली के लिए जुटेगी ताकत, संगठन की सक्रियता पर नजर

कांग्रेस की आगामी राजनीतिक गतिविधियों में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की राष्ट्रीय रैली भी शामिल है। पार्टी की ओर से छत्तीसगढ़ से अधिकाधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर संपर्क और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

अब सवाल यह है कि अभियान को लेकर पार्टी की सक्रियता कितनी व्यापक जनभागीदारी में बदलती है और वोट तथा लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को आम नागरिकों के बीच किस तरह प्रभावी ढंग से रखा जाता है। इसकी वास्तविक तस्वीर आगामी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जमीनी गतिविधियों से सामने आएगी।

27 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे AICC प्रभारी

शैलेश नितिन त्रिवेदी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से बिलासपुर का प्रभार संभालने वाले नवकिशोर पटनायक 27 अक्टूबर को शहर पहुंचेंगे। प्रस्तावित दौरे के दौरान वे जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा का कार्यक्रम भी बताया गया है।

बिलासपुर के बाद उनका गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) और कोरबा जाने का कार्यक्रम है, जहां वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत करने और अभियान को गति देने पर चर्चा करेंगे।

बैठक में ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, शैलेश पांडे, विजय पांडे, नरेंद्र बोलर, रामशरण यादव, राजेश पांडे, प्रमोद नायक, पंकज सिंह, स्वप्निल शुक्ला, आशीष गोयल, भारत कश्यप, महेश दुबे, समीर अहमद, साकेश मिश्रा, तज्जमुल हक, संतोष गर्ग, हितेश देवांगन, पिंकी बत्रा, शिल्पी तिवारी, सीमा पांडे, गौरव ऐरी, सुभाष ठाकुर और प्रीति पाटनवार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

प्रचंड प्रहार की नजर: संगठनात्मक बैठकों से आगे क्या?

लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का सवाल किसी एक राजनीतिक दल के प्रचार तक सीमित नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव और नागरिकों के विश्वास से जुड़ा व्यापक विषय है। कांग्रेस के लिए भी चुनौती केवल अभियान की घोषणा या रैली में भीड़ जुटाने की नहीं, बल्कि अपने मुद्दों को तथ्यों, प्रमाणों और लगातार जनसंवाद के आधार पर जनता के सामने रखने की है।

अब देखना होगा कि बिलासपुर से शुरू हुई यह संगठनात्मक कवायद आगामी दिनों में कितनी प्रभावी साबित होती है और अभियान का संदेश कार्यकर्ताओं की बैठकों से निकलकर आम मतदाताओं तक कितनी मजबूती से पहुंचता है।

Prachand Prahar

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