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अरपा में बढ़ सकता है जलस्तर, विसर्जन में लापरवाही पड़ सकती है भारी!

अरपा-भैंसाझार बैराज से छोड़ा जा रहा पानी, प्रशासन अलर्ट—नदी के बहाव क्षेत्र से दूर रहें, सुरक्षा नियमों का करें पालन

बिलासपुर | प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बीच अरपा नदी में खतरे की आशंका को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अरपा-भैंसाझार बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन एवं नगर निगम बिलासपुर ने श्रद्धालुओं, नागरिकों और दुर्गोत्सव समितियों से सतर्कता बरतने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन की दोटूक अपील—आस्था के नाम पर जान जोखिम में न डालें! नदी में उतरकर, तेज बहाव के बीच या असुरक्षित किनारों पर खड़े होकर विसर्जन करने से बचें। जलस्तर में अचानक वृद्धि और तेज बहाव दुर्घटना का कारण बन सकता है। बच्चों को नदी और उसके किनारों से पूरी तरह दूर रखें।

सुरक्षित विसर्जन के लिए इन निर्देशों का करें पालन

  • नदी में न उतरें: प्रतिमा विसर्जन के लिए तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचें।
  • सुरक्षित स्थान चुनें: प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थल और जारी निर्देशों का पालन करें।
  • असुरक्षित किनारों से दूर रहें: फिसलन वाले घाटों, गहरे पानी और कटाव वाले स्थानों पर भीड़ न लगाएं।
  • बच्चों पर रखें विशेष नजर: बच्चों को नदी के पानी और किनारों के पास अकेला न छोड़ें।
  • भीड़ और धक्का-मुक्की से बचें: विसर्जन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
  • प्रशासन के निर्देश सर्वोपरि: पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी क्षेत्र को असुरक्षित घोषित किए जाने पर वहां प्रवेश न करें।
  • आपात स्थिति में सतर्क रहें: कोई व्यक्ति पानी में बहने लगे तो स्वयं जोखिम लेकर नदी में न कूदें; तत्काल पुलिस, बचाव दल या स्थानीय आपात सेवा को सूचना दें।

आस्था भी जरूरी, जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि!

जिला प्रशासन ने नागरिकों और दुर्गोत्सव समितियों से अपील की है कि विसर्जन के दौरान पूरी सावधानी बरतें और अन्य लोगों को भी सुरक्षित विसर्जन के लिए जागरूक करें।

याद रखें—मां दुर्गा को श्रद्धापूर्वक विदाई दें, लेकिन अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालकर नहीं। उत्सव की खुशियां तभी सार्थक हैं, जब हर व्यक्ति सुरक्षित अपने घर लौटे।

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क | जनहित में जारी।

Prachand Prahar

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