August 24, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर बिलासपुर फोटोग्राफर संघ द्वारा फोटो प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजितमनरेगा में लाखों के गबन का आरोप: फर्जी हाजरी की जांच तेज, दूसरी बार तलब हुए सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकमहिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता हेतु गायनेकोलॉजी अवेयरनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्नकौन बनेगा फुटबॉल सम्राट’ प्रतियोगिता के विजेताओं का अमर अग्रवाल ने किया सम्मानCBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध 
कार्रवाई का विरोधछत्तीसगढ़बिलासपुर

गरीबों और आम जनता का घर मकान तोड़ना ही है सरकार का सुशासन – त्रिलोक

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर।  जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन के द्वारा संयुक्त रूप से वर्तमान में बिरकोना के आम जनों का मकान तोड़ा गया है, इसके पूर्व एक पखवाड़े लगभग पूर्व में लिंगीयाडीह में भी अपोलो जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण के नाम पर सैकड़ो लोगों के मकान को तोड़ा गया था।

इस कार्रवाई का विरोध करते हुए जिले के कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास, राष्ट्रीय समन्वयक – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने कहा कि गरीबों का आम जनता का भरी गर्मी में मकान तोड़ना यही विकास है और विष्णु देव सरकार का यही सुशासन है । त्रिलोक ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या अवैध कब्जे का समर्थन नहीं करते हैं परंतु जो लोग 20 साल 30 साल 40 साल से घर मकान बनाकर, गरीब, निम्न और मध्यम वर्ग की परिवार अपना जीवकोपार्जन कर रहे थे। अपने परिवार को आसरा दिए थे उनका बिना व्यवस्थापन किए, बिना उनकी व्यवस्था किए, घर उजiड़ने का कार्य जो कि अलोकतांत्रिक के साथ अमानवियतi है।

🟠 हमारे भारतीय संस्कृति में  चिड़ियों, पक्षियों के भी घोसले उजiड़े नहीं जाते, जब तक उनके लिए कोई और बसाहट की व्यवस्था न किया जाए ! इतने बड़े काम हो रहे हैं और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि चुप क्यों है ?

🟠क्या ऐसा समझना चाहिए के जनप्रतिनिधि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के समर्थन प्रशासन के ऐसे तानाशाही कार्रवाई के साथ है ?

आंदोलन की चेतावनी

उन्होंने प्रेस के माध्यम से जिला कलेक्टर से बिरकोना और लिंगियाडीह के विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्थापन और मुआवजा देने की मांग की है। और कहा है कि निकट भविष्य में शीघ्र ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों कांग्रेस जनों सामाजिक संगठनों का बैठक कर यदि उनके प्रभावित पारिवार को हित में कार्य नहीं हुआ, प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगाl

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close