July 14, 2026 |
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कांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंकबार-बार स्ट्रोक के खतरे से मिली राहत, 70 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफल LAA क्लोजरवृंदावन ग्रीन फ़ार्म में सजी थी जुए की महफिल, छापामार कार्यवाही में सपड़ाए जुआरी, ग़ैर जमानती धाराओं में गिरफ़्तारश्रीश को गणित में 100 में से 100 अंक, आद्या को भी सभी विषयों में मिली विशेष योग्यता, आत्मानन्द स्कूल की छात्र – छात्राओं ने लहराया सफलता का परचमनगरीय निकाय उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी बनने 05 दावेदारों ने दिया आवेदन, 03 दिवस के भीतर होगा नाम फाइनल, चयन समिति के फैसले का इंतजार
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200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजय

प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी सुविधाएं अधूरी - सरकार जवाब दे, जनता के अस्पताल का भविष्य क्या है?

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के अनर्गत बेलतरा विधानसभा के कोनी में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 220 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल आज जनता की उम्मीदों और सरकार की जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है। इस मामले को लेकर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी ने सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

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उन्होंने पत्रकार वार्ता आयोजित कर बयान जारी किया कि यह अस्पताल केवल एक भवन नहीं था। इससे हजारों परिवारों की उम्मीद जुड़ी थी कि अब गरीब, मजदूर, किसान और आम नागरिकों को हार्ट, किडनी, ब्रेन जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन आज स्थिति यह है कि – करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता इलाज की पूरी सुविधा का इंतजार कर रही है। भवन तैयार है, लेकिन व्यवस्था अधूरी है। अस्पताल तैयार है, लेकिन इलाज की पूरी गारंटी अब भी नहीं है।

जनता का सीधा सवाल है –

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी लगभग डेढ़ साल में अस्पताल पूरी क्षमता से क्यों शुरू नहीं हो पाया? लोकार्पण के बाद भी अधूरी सुविधाएं, जवाब दे सरकार इस अस्पताल का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री भी अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जनता को उम्मीद थी कि यह अस्पताल जल्द ही बिलासपुर संभाग के लिए अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बनेगा। लेकिन आज भी कई मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं। सवाल यह है कि – क्या केवल भवन तैयार कर देना और लोकार्पण कर देना ही अस्पताल शुरू करना होता है? या अस्पताल के लिए डॉक्टर, स्टाफ, आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, इमरजेंसी सेवा और एंबुलेंस जैसी जीवनरक्षक व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं? हमारी मांग है कि सरकार तत्काल समय सीमा तय कर अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू करे।

अस्पताल या केवल रेफरल सेंटर?

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल या केवल रेफरल सेंटर? एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की पहचान उसके भवन से नहीं, बल्कि उसकी सेवाओं से होती है। यहां उपलब्ध होना चाहिए – 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, गंभीर मरीजों के लिए पूर्ण सुविधायुक्त एंबुलेंस । लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि हार्ट, किडनी और ब्रेन से जुड़े गंभीर मरीजों को कई बार सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल या अन्य संस्थानों में रेफर करना पड़ता है।

जनता पूछ रही है –

यदि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ही गंभीर मरीजों को रेफर करने को मजबूर है, तो फिर जनता को इसका वास्तविक लाभ कब मिलेगा? 200 करोड़ खर्च के बाद भी जीवनरक्षक सुविधाओं पर सवाल जनता सरकार से जवाब मांग रही है ।

200 करोड़ रुपये के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट अब तक क्यों नहीं?

कार्डियोलॉजिस्ट होने के बावजूद कैथ लैब क्यों नहीं है? गंभीर मरीजों को तत्काल शिफ्ट करने के लिए पूर्ण सुविधायुक्त एंबुलेंस क्यों नहीं है? नियमित विशेषज्ञ डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति अब तक क्यों नहीं हुई? आपातकालीन सेवा के लिए डॉक्टर और आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता तथा आवास व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई?

हमारी मांग है कि – ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और आवश्यक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति की जाए। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरु की जाए। गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधाओं से युक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए। आपातकालीन सेवाओं के लिए डॉक्टर और स्टाफ की आवश्यक व्यवस्था पूरी की जाए।

क्या केवल नामकरण करना ही जिम्मेदारी पूरी करना है ?

दिलीप सिंह जूदेव जी के नाम पर अस्पताल, अब जिम्मेदारी भी तय हो इस अस्पताल का नाम छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और जनभावनाओं से जुडे स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के आग्रह पर यह नामकरण किया गया। दिलीप सिंह जूदेव का नाम केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनता के सम्मान और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस अस्पताल को पूरी क्षमता से चलाना और इसकी गरिमा बनाए रखना भी जिम्मेदारी है। जनता अब सवाल पूछ रही है-  क्या केवल नामकरण करना ही जिम्मेदारी पूरी करना है?

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की भूमिका क्या होगी?

उन्होंने कहा कि यदि जनता के करोड़ों रुपये से बने और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर स्थापित इस अस्पताल को भविष्य में किसी निजी संस्था के हाथों सौंपने का प्रयास किया जाता है, तो- बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की भूमिका क्या होगी? क्या वे जनता की भावनाओं और सरकारी अस्पताल के स्वरूप को बचाने के लिए जनता के साथ खड़े होंगे? निजीकरण की आशंका पर सरकार स्पष्ट करे जनता के बीच यह चिंता है कि कहीं सरकारी पैसे से बने इस अस्पताल को भविष्य में निजी हाथों में सौंपने की तैयारी तो नहीं की जा रही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए – क्या बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को निजी संस्था के हाथों में देने की कोई योजना है?

श्वेत पत्र जारी करे

विजय ने कहा हमारी मांग है कि सरकार इस विषय पर श्वेत पत्र जारी करे और जनता को भरोसा दिलाए कि यह अस्पताल जनता के हित में संचालित होगा। जनता के सवाल और हमारी मांग – 1. 220 बिस्तरों वाला अस्पताल पूरी क्षमता से कब शुरु होगा ? 2. नियमित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती कब होगी? 3. ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और आवश्यक उपकरण कब उपलब्ध होंगे? 4. गंभीर मरीजों को रेफर करने की मजबूरी कब खत्म होगी? 5. पूर्ण सुविधायुक्त एंबुलेंस और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा कब शुरू होगी? 6. आपातकालीन सेवाओं के लिए डॉक्टर और स्टाफ की आवश्यक व्यवस्था कब पूरी होगी? 7. अस्पताल को निजी हाथों में देने की कोई योजना है या नहीं? 8. अस्पताल में मरीजों की भर्ती और उपचार की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?

यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं

केशरवानी ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य अधिकार के लिए आंदोलन यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। यह लड़ाई बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई है। बिलासपुर की जनता ने केवल एक भवन नहीं मांगा था। जनता ने ऐसा अस्पताल मांगा था जहां गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिक को समय पर इलाज मिल सके। यदि सरकार ने तत्काल व्यवस्थाएं पूरी नहीं की और निजीकरण की आशंका पर स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकार के लिए चरणबद्ध आंदोलन करेगी। बिलासपुर की जनता ने अस्पताल मांगा था, केवल उ‌द्घाटन नहीं। जनता को इलाज चाहिए, केवल भवन और आश्वासन नहीं।

Prachand Prahar

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