May 31, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंकबार-बार स्ट्रोक के खतरे से मिली राहत, 70 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफल LAA क्लोजरवृंदावन ग्रीन फ़ार्म में सजी थी जुए की महफिल, छापामार कार्यवाही में सपड़ाए जुआरी, ग़ैर जमानती धाराओं में गिरफ़्तारश्रीश को गणित में 100 में से 100 अंक, आद्या को भी सभी विषयों में मिली विशेष योग्यता, आत्मानन्द स्कूल की छात्र – छात्राओं ने लहराया सफलता का परचमनगरीय निकाय उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी बनने 05 दावेदारों ने दिया आवेदन, 03 दिवस के भीतर होगा नाम फाइनल, चयन समिति के फैसले का इंतजारगोलियों की आवाज से गूंज उठी राजधानी, सत्ता के संरक्षण और सरकारी नौकरी के तेवर का वीडियो वायरल, नहीं थम रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं नगरीय निकाय उपचुनाव: शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने गठित की 11 सदस्यीय प्रत्याशी चयन समितीआवाज उठी थी, अब असर दिख रहा है ! गुरुजनों के सम्मान की लड़ाई, अब निर्णायक मोड़ पर – अंकित गौरहामध्यमवर्गीय परिवार बीजेपी के महंगाई बम से परेशान -सिद्धांशु मिश्रा
छत्तीसगढ़जल जीवन मिशननोटिसबिलासपुर

जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही पर 6 ईई निलंबित, 4 को नोटिस

मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन की बड़ी कार्रवाई

जल जीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, अधिकारी गंभीरता से करें काम, समय पर पूर्ण हों निर्धारित लक्ष्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने छह कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्रालय से आज छह कार्यपालन अभियंताओं के निलंबन के आदेश और चार कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग किए जाने को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता जगदीश कुमार, बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता यू.के. राठिया, बैकुंठपुर के कार्यपालन अभियंता चंद्रबदन सिंह, बेमेतरा के कार्यपालन अभियंता आर.के. धनंजय, अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मंडावी और सुकमा के कार्यपालन अभियंता जे.एल. महला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं दुर्ग के कार्यपालन अभियंता उत्कर्ष पाण्डेय, बालोद के कार्यपालन अभियंता सुक्रांत साहू, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कार्यपालन अभियंता एस.एस. पैकरा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कार्यपालन अभियंता कमल कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विगत दिनों जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान इसे राज्य और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक काम करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा था। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने भी मिशन के कार्यों पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा गांवों में शत-प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य शासन द्वारा निलंबन के बाद कार्यपालन अभियंता जगदीश कुमार का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय कोंडागांव, यू.के. राठिया का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय रायपुर, चंद्रबदन सिंह का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय सरगुजा, आर.के. धनंजय का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय दुर्ग, एस.पी. मंडावी का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय बिलासपुर और जे.एल. महला का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय जगदलपुर नियत किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई वाले चारों कार्यपालन अभियंताओं को सूचना पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में प्रतिवाद प्राप्त नहीं होने पर यह समझा जाएगा कि संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। तदुपरांत शासन द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close