शासकीय भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जे का मुद्दा, पेंडरवा (उ) का मामला, पढ़िए पूरी खबर…

बिलासपुर। जिले में बड़ी तेजी से शासकीय भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जे का मुद्दा बहुत ही महत्वपूर्ण और चिंता का विषय है। जमीन संबंधित मामलों में स्थानीय अधिकारियों के द्वारा निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, राजस्व रिकॉर्ड और भू-सुधार नीतियों में कई खामियां भी अवैध कब्जे की संख्या में बढ़ोत्तरी का एक बड़ा कारण है।

विदित हो कि सरकारी जमीन पर अनधिकृत रूप से कब्जा करने वालों को कानून से संरक्षण मांगने का कोई अधिकार नहीं, सरकार को ऐसी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराते हुए अपने कब्जे में लेने का पूरा अधिकार है। अवैध तरीके से जमीन कब्जाने वालों का उस जमीन पर कोई अधिकार नहीं होता और उनकी स्थिति अतिक्रमणकारी और घुसपैठिए की होती है।
गौरतलब हैं कि प्रशासनिक दफ्तरों में अवैध कब्जा से संबंधित शिकायतों का अंबार लगा हुआ हुआ हैं। गाहे – बगाहे इनकी सूचनाएं मीडिया की सुर्खियों में रहती हैं. इसके बावजूद भी यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, अब सुशासन सरकार से दरकार है कि इस गम्भीर मामले से सरोकार रखते हुए इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे पर उचित कार्रवाई की नजीर पेश करे।

ज्ञात हो कि ऐसे ही एक शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत का मामला बिल्हा विकासखंड के ग्राम पेंडरवा (उ) से निकलकर सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत पेंडरवा (उ) के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिलाधीश बिलासपुर को इस बाबत शिकायत पत्र सौंपा है। पत्र में बताया गया हैं कि गोवर्धन कश्यप पिता रघुनाथ कश्यप जिसके द्वारा ग्राम के मेन रोड स्थित शासकीय भूमि पर मकान बनाया जा रहा है। जिसे जनप्रतिनिधियों के द्वारा तत्काल रोकने की मांग की गई है। ताकि उक्त शासकीय भूमि को गांव के विकास कार्य में लिया जा सके। उन्होंने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा हटाने कलेक्टर से गुहार लगाई है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि आए दिनों शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत जो प्रशासनिक गलियारों में चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और इन पर लगाम लगाने किस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी, जिससे इन अतिक्रमणकारियों पर प्रशासनिक भय बन सके कि किसी भी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करना अपराध है ।



