
प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सीस में इन दिनों एक आदिवासी परिवार पर आफत आ पड़ी है। दरअसल ग्राम सीस निवासी मुरितराम पोर्ते का आरोप है कि वह अपने परिवार के साथ पिछ्ले 35 सालों से जिस जमीन पर काबिज़ है, उससे उसे बेदखल करने की षडयंत्र रची गई है। और उन्हें जातिगत रूप से प्रताड़ित भी किया जा रहा है। पीड़ित मुरितराम पोर्ते के द्वारा इसकी शिकायत अजाक थाने में दर्ज कराई गई है। जिस पर पुलिस के द्वारा जाँच पड़ताल प्रक्रियाधीन है।

मिली जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सीस के सरपंच पति जगमोहन डीकसेना और विजय जायसवाल पर आदिवासी मुरितराम पोर्ते ने आरोप लगाया है कि लगभग 12 वर्ष पूर्व विजय जायसवाल उनके पास उसकी जमीन खरीदने आया था। लेकिन मुरितराम पोर्ते ने आबादी भूमि को बेचने से मना कर दिया था। जिसके चलते विजय जायसवाल ने जगमोहन डीकसेना के साथ मिलकर सरपंच पद का दुरुपयोग करते हुए उसे बार बार पंचायत का नोटिस भेजा, यही नही तहसील में भी उसके खिलाफ शिकायत करके हर्जाना वसूला जा रहा है।

थाने में झूठा शिकायत दर्ज कराया गया है, जातिगत रूप से प्रताड़ित करके उसके जिस जमीन पर वह खेती करके परिवार का भरण पोषण करते है। उसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि जब भी इन लोग सरपंच बनते है, मेरे साथ ऐसा करते है, कभी जमीन पर गाय चरा देते है, तो कभी नोटिस भेजते है, मेरा जमीन छीन लेंगे तो मेरे पास परिवार पालने का दूसरा कोई साधन नही है। बच्चो और उनके छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कहाँ जाऊंगा ।

खेत मे मवेशी चराकर प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़ित मुरितराम पोर्ते के मुताबिक जिस दिन वे अजाक थाना में शिकायत दर्ज कराने गए थे। उसी दिन महिला सरपंच मालती डीकसेना और जगमोहन डीकसेना ने गांव के लोगों को लेकर उनके खेतों पर मवेशी चराने लगे, जिसके विरोध में मुरितराम की बेटी ने उन लोगो का वीडियो बना लिया। इसके कारण मुरितराम पोर्ते की बेटी के साथ मारपीट किया गया है। जिसका उसकी पत्नी ने विरोध किया तब उनके द्वारा उसकी पत्नी को भी गाली गलौज और धमकी दी गई । इसके खिलाफ जब पीड़ित ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराना चाहा तो पुलिस ने उसे राजस्व मामला है बोलकर चलता कर दिया।




