
प्रचंड प्रहार | न्यूज नेटवर्क
बिलासपुर। पंजाब के अमृतसर से हेरोइन (चिट्टा) लाकर बिलासपुर में बेचने की कथित तैयारी कर रहे एक व्यक्ति को ACCU बिलासपुर और थाना सकरी पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 11.73 ग्राम हेरोइन, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2.50 लाख बताई गई है, और ₹10,500 नकद बरामद किए गए हैं। कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने टीम के लिए उचित पुरस्कार की घोषणा की है।

अमृतसर से बिलासपुर तक नशे की सप्लाई
त्योहारों के मद्देनजर चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी के दौरान उसलापुर बाजार के आसपास हेरोइन बेचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं ACCU की अधिकारी मधुलिका सिंह को अवगत कराया गया। उनके मार्गदर्शन में ACCU और थाना सकरी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान संदिग्ध व्यक्ति के कब्जे से पारदर्शी जिपर वाली पॉलीथिन में रखी 11.73 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके साथ ₹10,500 नकद भी जब्त किए गए।

पूछताछ के संबंध में पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पंजाब के अमृतसर से हेरोइन खरीदकर बिलासपुर लाने और यहां ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, वह मादक पदार्थ की अलग-अलग पुड़िया बनाकर बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहा था। हालांकि, कथित खरीद-फरोख्त, स्थानीय ग्राहकों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि विवेचना के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
गिरफ्तार आरोपी
- नाम: दीपक वालिया
- पिता का नाम: कमलजीत सिंह वालिया
- उम्र: 32 वर्ष
- समुदाय: सिख
- मूल निवासी: सुभाष कॉलोनी, गली नंबर 07, थाना बी-डिवीजन, जिला अमृतसर, पंजाब
- वर्तमान पता: वास्तु शिखर अपार्टमेंट, उसलापुर, थाना सकरी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क की जांच बाकी
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध थाना सकरी में NDPS एक्ट की धारा 21(बी) एवं 22(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। मामले की विवेचना के दौरान मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और आरोपी के वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद मादक पदार्थ की आपूर्ति किससे हुई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
इस कार्रवाई में ACCU बिलासपुर और थाना सकरी की संयुक्त टीम की भूमिका रही।
- सुदीप सरकार — नगर पुलिस अधीक्षक (क्राइम), बिलासपुर
- निरीक्षक गोपाल सतपथी — प्रभारी, ACCU बिलासपुर
- निरीक्षक संजय सिंह — थाना प्रभारी, सकरी
- पीएसआई अर्चना साहू
- टिकराम निषाद
- उपनिरीक्षक कमलेश बंजारे — ACCU
- आरक्षक अभिजीत डाहिरे
- आरक्षक धीरेंद्र सिंह तोमर
- आरक्षक विकास राम
- आरक्षक महादेव कुजूर
- आरक्षक समर बहादुर
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना करते हुए उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह सम्मान नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई में जुटे पुलिसकर्मियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रचंड प्रहार का सवाल: गिरफ्तारी से आगे कितनी दूर पहुंचेगी जांच?
एक आरोपी की गिरफ्तारी और मादक पदार्थ की जब्ती कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन नशे के कारोबार पर स्थायी अंकुश लगाने के लिए उसके स्रोत और वितरण की कड़ियों तक पहुंचना भी जरूरी है। क्या जांच अमृतसर में कथित आपूर्तिकर्ताओं, बिलासपुर में संभावित खरीदारों और पैसों के लेन-देन तक पहुंचेगी? इसका जवाब विवेचना की प्रगति से सामने आएगा।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रचंड प्रहार का निष्कर्ष: पुलिस टीम की कार्रवाई और पुरस्कार की घोषणा सराहनीय है, लेकिन इस मामले की असली सफलता तब सामने आएगी, जब जांच बरामदगी से आगे बढ़कर कथित सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करे। नशे के कारोबार पर निर्णायक प्रहार के लिए गिरफ्तारी के साथ-साथ स्रोत, नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच भी उतनी ही जरूरी है।
कानूनी पक्ष: आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप पुलिस के कथन पर आधारित हैं। दोषसिद्धि न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही निर्धारित होगी।



