August 19, 2026 |
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एनटीपीसी से चल रहे ओवरलोड राखड़ परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने सड़कों पर उतरेगा क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर संघ

कलेक्टर से लेकर सीएम तक शिकायत, फिर भी सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड वाहन

कलेक्टर से लेकर सीएम तक शिकायत, फिर भी सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड वाहन

आरटीओ के पत्र की भी एनटीपीसी के अधिकारियों को फिक्र नहीं, ओवरलोड राखड़ परिवहन पर नही लगा प्रतिबंध

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। जिले के सीपत क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाई एनटीपीसी से राखड़ सप्लाई करने वाले ठेकेदार धड़ल्ले से कानून को ठेंगा दिखा रहे है। 10 टन से भी अधिक ओवरलोड वाहन आरटीओ अधिकारी कर्मचारियों के संरक्षण में सड़कों पर दौड़ रहे है ! फिर भी कानून को ठेंगा दिखाने वाले ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद भी उन पर कार्यवाही करने से आरटीओ अधिकारी कर्मचारियों के पसीने छूट रहे है। एनटीपीसी को आरटीओ के पत्र मिलने के बाद भी मापदंड के अनुसार राखड़ को बिना तौल कांटा कराए ही सड़को पर निकाला जा रहा हैं। क्या एनटीपीसी प्रबंधन राखड़ सप्लाई की आड़ में भ्रष्टाचार की मलाई चाट रहा है ?

यह हम नहीं कह रहे, बल्कि क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोशिएशन सीपत ने दावा किया है कि आरटीओ अधिकारी कर्मचारियों की ओवरलोड वाहन चलवाने वाले ट्रांसपोर्टरों से तगड़ी सेटिंग है। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के द्वारा इसके खिलाफ कलेक्टर से लेकर सीएम तक शिकायत किया गया है। जिसमें ओवरलोड और बिना तिरपाल ढके चलित ओवरलोड वाहनों के खिलाफ साक्ष्य भी दिए गए है।

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के बीच यह चर्चा भी जोरो पर है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय बिलासपुर मलाईदार विभागों में से एक है। जहाँ के अधिकारी कर्मचारी ओवरलोड वाहन चलवाने वाले ट्रांसपोर्टरों पर इतने ज्यादा मेहरबान है कि ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर भी कार्यवाही करने से कतरा रहे है। केवल इस बाबत एनटीपीसी प्रबंधन को पत्राचार किया गया है । इस संदर्भ में अब तक उचित कार्यवाही नहीं की जा सकी है। अभी भी धड़ल्ले से ओवरलोड वाहन सड़कों पर बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। बहरहाल अब इसके विरोध स्वरूप क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन सीपत के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है ।

दिनांक 5 दिसंबर 2024 से सीपत एनटीपीसी से राखड़ लेकर निकलने वाले वाहनों को अगर बिना तौल किये सड़को पर उतारा जाता है, तो उसे अनिश्चित समय तक रोका जाएगा। क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट संघ के द्वारा इसके अतिरिक्त एनटीपीसी से उचित दर पर वाहन परिचालन की मांग की गई है। इन मांगों को जब तक पूरा नही किया जाता तब तक, एनटीपीसी से निकलने वाले वाहनों के पहिया थमना तय नजर आ रहा है। एनटीपीसी फरहदा चौक के पास क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन सीपत संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य अनिश्चित समय तक उग्र प्रदर्शन करेंगे।

क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन सीपत का कहना – NTPC सीपत के सभी राखड़ डेम व सेलों से प्रतिदिन करीब 500 से 600 गाड़ियां ओवरलोड होकर निकलती हैं। ओवरलोड गाड़ियां चलाना कानूनन रूप से असंवैधानिक हैं और इससे क्या – क्या हानियां है। जिसकी जानकारी जिला के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भलीभांति रूप से है। राखड़ परिवहन कार्य में लगे सभी ठेकेदारों के द्वारा अंडरलोड प्रक्रिया के तहत ठेका (टेंडर) लिया गया है । लेकिन जब से ठेका लिया गया है, तब से आज दिनांक तक सभी ट्रांसपोर्टरों के द्वारा ओवरलोड परिवहन किया जा रहा है। ओवरलोड वाहन चलाने के लिये ही उनके द्वारा ज्यादा क्यूबिक मीटर का बड़ा – बड़ा ट्राला बनवाया गया है ।

Prachand Prahar

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