September 11, 2026 |
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हमारा कोई सुनने वाला नहीं, प्रशासनिक दबाव बढ़ता जा रहा, अनिश्चित कालीन विरोध प्रदर्शन बंद, सीएम तक शिकायत, फिर भी कार्यवाही नही

क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफ़ेयर एसोसिएशन भ्रष्टाचार के आगे हुए नतमस्तक, कहा - आगे क्या करे कुछ समझ नही आता ? 

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। जिले के सीपत क्षेत्र में स्थित संचालित औद्योगिक इकाई एनटीपीसी सीपत से निकलने वाले राखड़ के प्रबंधन एवं सप्लाई को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। जहां एक तरफ राखड़ के उचित प्रबंधन नहीं होने से आसपास के ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी कई मांगों को लेकर एनटीपीसी के विरोध में मोर्चा खोले हुए है तो वही अब दूसरी तरफ एनटीपीसी में राखड़ परिवहन में लगे क्षेत्रीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी राखड़ परिवहन की दर में बढ़ोतरी एवं ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने के लिए मोर्चा खोला हुआ है।

इनका कहना है कि राखड़ सप्लाई करने वाले ठेकेदार आरटीओ के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है तो वही आरटीओ के अधिकारी भी ना जाने किस मोहवश इन पर कार्यवाही करने से कतरा रहे है। यही नही एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा राखड़ सप्लाई करने वाले ठेकेदारों पर भरपूर मेहरबानी भी दिखाई जा रही है। एनटीपीसी प्रबंधन निविदा के माध्यम से राखड़ सप्लाई करवा रहे है। अंडरलोड प्रक्रिया के तहत हुए राखड़ परिवहन के लिए टेंडर के बावजूद ओवरलोड राखड़ परिवहन धड्डले से जारी है। जिसका मुख्य कारण एनटीपीसी प्रबंधन के द्वारा बिना तौल कांटा किए ही वाहनों को प्लांट से बाहर निकलने दिया जा रहा है।

कार्यवाही केवल कागजों तक सिमटी

“क्षेत्रीय टांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीपत का यह भी कहना है कि” उन्होंने असंवैधानिक रूप से सड़कों पर दौड़ रहे, राखड़ परिवहन में लगे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ जमकर हल्ला बोल प्रदर्शन कर मामले की लिखित शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सीएम तक की है। लेकिन कार्यवाही केवल कागजों तक ही सिमटकर रह गई। जिसके बाद क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफ़ेयर एसोसिएशन ने देखा कि इस बाबत जब किसी प्रकार की कोई कार्यवाही या पहल नही की गई, तब उन्होंने सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ना शुरू कर दिया। एनटीपीसी सीपत से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों को रोककर अनिश्चित कालीन प्रदर्शन करने का ऐलान के साथ प्रदर्शन भी किये, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

आगे क्या करे कुछ समझ नही आता ?

हमारा कोई सुनने वाला नहीं है। प्रशासनिक दबाव बढ़ता जा रहा हैं, जिसके कारण अनिश्चित कालीन प्रदर्शन को अब बंद कर दिया गया है। इस संबंध में क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफ़ेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शन और शिकायत के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई है । केवल सप्लाई के भाड़ा को 20 से 25 रुपए तक बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है। बड़ी असमंजस वाली स्थिति है, आगे क्या करे कुछ समझ नही आता?

भ्रष्टाचार हो रहा उजागर

लगातार क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफ़ेयर एसोसिएशन के द्वारा स्थानीय प्रशासन के अलावा सीएम तक शिकायत, धरना प्रदर्शन एवं विरोध करने के बावजूद इन ओवरलोड वाहनों के परिवहन पर प्रतिबंध नही लग पाना और एनटीपीसी से राखड़ लेकर निकलने वाले वाहनों को बिना तौल के ही एनटीपीसी सीपत से रवाना होने देना एक बड़े भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है।

तौल कांटा कराने, एनटीपीसी क्यों कर रहा आनाकानी?

क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफ़ेयर एसोसिएशन सीपत ने शासन प्रशासन के सामने अपनी कई मांगो को रखा है, जिनमे से उनकी एक महत्वपूर्ण मांग यह है कि एनटीपीसी सीपत से राखड़ लेकर निकलने वाले वाहनों का एनटीपीसी में ही तौल कराया जाए। लेकिन बिना तौल कांटा कराए ही वाहनों को प्लांट से बाहर निकलने दिया जा रहा है। इस उचित मांग को पूरा नही किये जाने से एनटीपीसी प्रबंधन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगना लाज़मी है।

एनटीपीसी में तौल कांटा से ओवरलोड राखड़ परिवहन और भ्रष्टाचार पर लगेगा लगाम

ट्रांसपोर्ट संघ की मांगों पर अगर मुहर लग जाती तो शासन को होने वाले आर्थिक क्षती पर लगाम लग जाता। आरटीओ के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले बेलगाम ठेकेदारों की मनमानी पर भी बेड़ी लग जाता, लेकिन चोर चोर मौसरे भाई जैसा हाल हो गया है। एनटीपीसी के ठेकेदार ओवरलोड वाहन परिवहन करवाकर, आरटीओ के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। एनटीपीसी बिना मापतोल के राखड़ सप्लाई करवाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। इधर शासन और प्रशासन इसे नजर अंदाज करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है।

Prachand Prahar

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