January 16, 2026 |
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भीड़ ने दिखाया भयावह मंजर, बलौदा बाजार में धारा 144 लागू

उग्र लोगो ने किया खौफनाक तांडव, क्यों गुस्से में है सतनामी समाज ?

प्रचंड प्रहार न्यूज/बलौदा बाजार/ छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में सतनामी समाज के लोगो ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया है, कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है, कलेक्टर ऑफिस में भी आगजनी हुई है। बताया जा रहा है कि अमर गुफा में स्थित जैतखंभ में हुई संदिग्ध तोड़फोड के बाद सतनामी समाज की तरफ से यह बवाल किया गया है। पिछले कई दिनों से इस मामले में जांच की मांग हो रही थी, अब उसी बीच भीड़ ने यह हिंसक प्रदर्शन किया।

मिली जानकारी अनुसार समाज के लोगो ने पहले तो जिला पंचायत का घेराव किया। इसके बाद हजारों की संख्या में कलेक्टर परिसर पहुंचकर कलेक्टर कार्यालय को आग के हवाले कर दिया साथ ही उपद्रव में शामिल लोगों ने परिसर में खड़ी गाड़ियों को भी जला दिया। इसके बाद लोगों की पुलिस और कर्मचारियों के साथ झड़प भी हुई, जिससे पुलिस को इस भयावह स्थिति को नियंत्रित करने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा, इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा है। घटना के बाद क्षेत्र में जमकर तनाव है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने ज्यूडिशरी जांच का आदेश दिया है।

क्यों भड़की हिंसा, इतने गुस्से में क्यों है सतनामी समाज?

जानकारी के मुताबिक 15 मई की देर रात सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब 5 किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जैतखाम तोड़े जाने के विरोध में समाज के हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास मौजूद दशहरा मैदान में कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लोगों का आरोप है कि पकड़े गए लोग असली आरोपी नहीं हैं और पुलिस दोषियों को बचा रही है। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लोग इसी बात को लेकर उग्र हो गए। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए।

अचानक हंगामा शुरू कर लोग बेकाबू हो गए !

दशहरा मैदान में सोमवार को शांतिपूर्ण चल रहा प्रदर्शन दोपहर के बाद अचानक उग्र हो गया। हजारों की भीड़ कलेक्टर परिसर में घुस गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इन प्रदर्शनकारियों में 70 प्रतिशत युवा थे। ये लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। पुलिस-प्रशासन को प्रदर्शन को सूचना थी, लेकिन उन्हें लगा था कि सामान्य प्रदर्शन होगा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इसी दौरान समाज के लोग आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकल गए। फिर बवाल बढ़ता चला गया। जानकारी अनुसार सतनामी समाज के लोगों को धरना-प्रदर्शन की इजाजत दी गई थी। उनकी ओर से शांतिपूर्वक करने का आश्वासन दिया गया था। अचानक हंगामा शुरू कर दिया और लोग बेकाबू हो गए। आगजनी और पथराव शुरू कर दिया। बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए और बिल्डिंग को आग लगा दी। जिस बात को लेकर इन लोगों ने आगजनी और तोड़फोड़ की उस बात को लेकर पहले ही जांच के आदेश सरकार दे चुकी है।

प्रशासन का खुफिया सुचना तंत्र फेल !

बलौदाबाजार मे कल घटी घटना से पूरा प्रदेश आश्चर्यचकित है। वहां के जिला प्रशासन और पुलिस को ऐसी घटना होने का बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था। यह इस बात को दर्शाता है कि प्रशासन का खुफिया सुचना तंत्र फेल हो गया। कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्यप्रदेश मे यह पहली घटना है। अभी हाल में ही राज्य में सत्तारूढ हुई भाजपा सरकार और उनके प्रशासन तंत्र ने शायद इसकी कल्पना भी नहीं की थी कि प्रदेश मे क़ानून व्यवस्था इतनी लचर हो जाएगी कि उग्र भीड़ कलेक्टर और एसपी दफ़्तर को आग के हवाले कर सैकड़ों वाहन को फूँक डालेंगे. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री और गृहमंत्री जी काफी नाराज है, हो सकता है शायद कलेक्टर और एसपी भी बदल दिए जायें । लेकिन क़ानून व्यवस्था को बिगाड़ने, हिंसक प्रदर्शन कर उपद्रव मचाने वाले लोगो को भी नही बक्शा जाना चाहिए। जिससे प्रदेश की जनता के मन में विश्वास हो जाए कि प्रदेश मे क़ानून के साथ खिलवाड़ करने वालों पर न केवल सख्त है बल्कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वालों के खिलाफ भी सख्त है बताते चलें कि मुख्यमंत्री साय और गृहमंत्री इस पुरे मामले पर नजर रखते हुए आला अफसरों से पुरे घटनाक्रम की रिपोर्ट देने कहा है।

शहर में धारा 144 लागू !

बलौदा बाजार में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने बवाल के बाद आदेश जारी कर दिए है। बताया जा रहा है कि देर रात रायपुर से पहुंची एफएसएल की टीम ने घटना के सबूत जुटा लिए है। जिला कार्यालय परिसर के वाहनों को तोड़फोड़ करने, कार्यालय भवन को आग के हवाले करने के कारण कार्यरत कर्मचारियों और नगरवासियों में भय का वातावरण बन गया है। पुनः असामाजिक तत्वों के द्वारा भय व आतंक की पुनरावृत्ति की आशंका को देखते हुए इन समस्त कारणों के आधार पर नगर पालिका बलौदा बाजार सीमा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिससे यहां के रहवासी भयमुक्त वातावरण में निर्भय होकर रह सके । उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी के एल.चौहान ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 (1) और (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए लागू कर दी गई है।

रैली या जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित, किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने की मनाही

नगरपालिका बलौदा बाजार सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक रैली या जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, अन्य जिले या बाहरी व्यक्तियों का 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के समूह का नगर पालिका सीमा क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का अस्त्र – शस्त्र जैसे तलवार, चाकू, फरसा, भाला, लाठी, कुल्हाड़ी, गुप्ती, त्रिशूल, खुखरी, या अन्य कोई भी शस्त्र लेकर नही चलेगा। केवल शासकीय कर्तव्य में जुटे व्यक्ति को ड्यूटी के दौरान अस्त्र शस्त्र रखने की अनुमति मिलेगी। या ऐसे दिव्यांग या वृद्ध जो लाठी के बिना चलने में असमर्थ है वे लाठी का प्रयोग कर सकेंगे। चूंकि यह संकटकालीन आपातकाल स्थिति एकाएक उत्पन्न हुई है। जिसमें किसी पक्ष या व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना संभव नहीं है। यह आदेश सर्वसाधारण को संबोधित है और प्रत्येक जनसाधारण को तामिल कराना संभव नहीं है। उक्त आदेश दिनांक 10.06.2024 को रात्रि 9 बजे से दिनांक 16.06.2024 को मध्यरात्रि 12.00 बजे तक नगर पालिका सीमा क्षेत्र बलौदा बाजार में प्रभावशील होगा।

गृहमंत्री ने की न्यायिक जांच कराने की घोषणा

सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है। सतनामी समाज के विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों की मांग पर जांच कराने की घोषणा की गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी से सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की है।

Prachand Prahar

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