July 20, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

CBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंकबार-बार स्ट्रोक के खतरे से मिली राहत, 70 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफल LAA क्लोजरवृंदावन ग्रीन फ़ार्म में सजी थी जुए की महफिल, छापामार कार्यवाही में सपड़ाए जुआरी, ग़ैर जमानती धाराओं में गिरफ़्तारश्रीश को गणित में 100 में से 100 अंक, आद्या को भी सभी विषयों में मिली विशेष योग्यता, आत्मानन्द स्कूल की छात्र – छात्राओं ने लहराया सफलता का परचम
आरोपकेंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)छत्तीसगढ़टॉप न्यूजदेश

सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप पर ईपीआईएल, भिलाई के तत्कालीन डीजीएम एवं एक निजी कंपनी के साझीदार सहित दो आरोपियों के विरुद्ध दर्ज किया मामला एवं तलाशी ली

प्रचंड प्रहार/डेस्क। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तत्कालीन डीजीएम, ईपीआईएल, भिलाई एवं भिलाई स्थित एक निजी कंपनी के साझीदार सहित दो आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया। आज जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) और भिलाई (छत्तीसगढ़) में दोनों आरोपियों के आधिकारिक एवं आवासीय परिसरों की तलाशी ली जा रही है ।

यह आरोप है कि भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ (भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड के अधीन) एवं मैसर्स इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (ईपीआईएल) (भारत सरकार का उद्यम) ने 30 अप्रैल 2010 को भिलाई इस्पात संयंत्र में नए ओएचपी, भाग (पैकेज-61) के साथ कच्चे माल की प्राप्ति एवं हैंडलिंग सुविधाओं के विस्तार की स्थापना हेतु 5,50,82,27,000 रु. के अनुबंध मूल्य पर एक अनुबंध किया। इसके परिणामस्वरूप, ईपीआईएल (विभिन्न क्षेत्रों विशेष रूप से इस्पात एवं बिजली के क्षेत्र में परियोजनाओं के निष्पादन हेतु भारत सरकार की कंपनी) ने पीकेजी-061 के तहत सिविल निर्माण कार्यों के लिए कई एनआईटी (निविदा आमंत्रण सूचना) जारी की एवं आरोपी साझेदार की फर्म सहित कई कंपनियों/फर्मों को अलग-अलग “पीकेजी-061” के सिविल निर्माण के कार्य आवंटित किए गए।

आगे, उक्त भागीदार की निजी कंपनी ने जाली गेट मटेरियल एंट्री चालान जिसे फॉर्म सीआईएसएफ-157 के नाम से जाना जाता है एवं स्टोर इशूड स्लिप( Store Issued Slip), जाली चालान के साथ प्रस्तुत किए । यह भी आरोप है कि सीआईएसएफ फॉर्म-157 को आरोपी उप महाप्रबंधक, ईपीआईएल द्वारा सत्यापित किया गया था। कार्य आदेशों की मूल्य अनुसूची के अनुसार, सुदृढ़ीकरण स्टील (Reinforcement Steel) की आपूर्ति एवं रखने (Placing) की दर कथित रूप से 70,000 रु. प्रति मीट्रिक टन तय की गई थी, इस प्रकार, एक निजी फर्म के आरोपी साझीदार ने जाली चालान प्रस्तुत करके कथित रूप से 84,05,880 रु. का लाभ प्राप्त किया और ईपीआईएल को इसी प्रकार सदोषपूर्ण हानि पहुंचाई।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close