गोलियों की आवाज से गूंज उठी राजधानी, सत्ता के संरक्षण और सरकारी नौकरी के तेवर का वीडियो वायरल, नहीं थम रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर। शादियों, त्यौहारों या खुशी के मौकों पर जश्न मनाने के लिए हवा में बंदूकों से गोलियां चलाना मतलब हर्ष फायर करना एक गैरकानूनी परंपरा है। इसे अक्सर रुतबा या स्टेटस सिंबल माना जाता है, लेकिन यह बेहद खतरनाक भी है. क्योंकि यह निर्दोष लोगों की जान ले सकती है और इसके कारण कई बार जश्न मातम में बदल जाता है।

छत्तीसगढ़ में शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिस पर पुलिस के द्वारा सख्त कार्रवाई भी की गई है। रायपुर (कबीर नगर) और जांजगीर-चांपा में पहले के वायरल वीडियो के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। बहरहाल रायपुर के एक विवाह समारोह में एक बार फिर हुए हर्ष फायरिंग, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जिसमें खुलेआम हर्ष फायरिंग होते दिख रहा हैं। जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें बिलासपुर निवासी एक शासकीय कर्मचारी अपनी पत्नी के साथ बंदूकों से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। बहरहाल वीडियो की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन वायरल वीडियो ने पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
तेजी से वायरल हो रहा वीडियो, रायपुर पुलिस को भनक नहीं
ज्ञातव्य है कि रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है, इसके बाद भी राजनीतिक पार्टी और शासकीय सेवा से जुड़े लोगों ने शादी समारोह में जमकर फायरिंग की। बताते चलें कि यह घटना दो दिन पहले का बताया जा रहा है जिसके बाद भी इसकी भनक रायपुर पुलिस को नही है।फिलहाल लोगो के बीच उक्त वायरल वीडियो की चर्चा तेज हो गई है और इस बार चर्चा के आधार बने हैं अकलतरा के पूर्व विधायक सौरभ सिंह के करीबी ऋतुपर्ण सिंह और उनकी धर्मपत्नी भाजपा नेत्री मंडी सदस्य मोनिका सिंह, जिन लोगों ने रायपुर में रिश्तेदार की शादी समारोह में जमकर हर्ष फायरिंग की है। समारोह के दौरान हुए हर्ष फायरिंग को देख कर मौके पर उपस्थित रिश्तेदारों से खूब वाहवाही बटोरी गई, जिसका वीडियो शान से सोशल मीडिया में अपलोड किया गया. जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
सत्ता दल से जुड़े रसूखदार, उड़ा रहे कानून की धज्जियां
मिली जानकारी अनुसार ऋतुपर्ण सिंह बिलासपुर में चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारी है। इनकी धर्मपत्नी मोनिका सिंह भाजपा नेत्री है। वर्तमान में मंडी सदस्य के पद पर भी आसीन है। बीते दिनों रायपुर में एक शादी समारोह का आयोजन था। जिस बीच शादी समारोह में जमकर हवाई फायरिंग की गई। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। उक्त वायरल वीडियो में सत्ता दल से जुड़े लोग कानून की धज्जियां उड़ाते दिख रहे है। वीडियो में साफ दिख रहा हैं कि किस तरह उमंग और उल्लास में बेखौफ होकर फायरिंग करते हुए जश्न मनाया जा रहा है।
क्या है हर्ष फायरिंग?
हर्ष फायरिंग का अर्थ है खुशी या जश्न के दौरान खुले में बंदूक से हवा में गोली चलाना, जैसे शादी-बारात, विजय जुलूस या अन्य उत्सवों में। यह बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि ऊपर दागी गई गोली वापस नीचे गिरते समय किसी व्यक्ति या संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। जानकारों के मुताबिक नियमानुसार हर्ष फायरिंग लाइसेंस धारी भी नहीं कर सकता है.लाइसेंसी बन्दूक या पिस्टल से हर्ष फायरिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है.ना तो लाइसेंस जिसके नाम पर है वो गोली चला सकता और ना ही अपने परिजनों को चलाने की मंजूरी दे सकता है, ऐसा करना क़ानूनन अपराध की श्रेणी में आता है. छत्तीसगढ़ में हर्ष फायरिंग कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में पुलिस आर्म्स एक्ट (Arms Act) की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज करती है, जिसके तहत गिरफ्तारी और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाती है।
छत्तीसगढ़ में हर्ष फायरिंग की घटनाएं
रायपुर: कबीर नगर थाना क्षेत्र में एक सोसाइटी (अविनाश प्राइड) में शादी के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद पंजाब से आए आरोपी लखविंदर सिंह को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
जांजगीर-चांपा: पामगढ़ क्षेत्र में एक कांग्रेस नेता के बेटे की शादी के रिसेप्शन में हर्ष फायरिंग की गई। पुलिस ने मौके से जांच के बाद 2 एयर पिस्टल और 2 लाइसेंसी पिस्टल व कारतूस जब्त किए थे।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न श्रोतों से प्राप्त जानकारी तथा सोशल मीडिया में वायरल वीडियो और स्थानीय सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि हम नहीं करते है।



