छत्तीसगढ़ का पहला मंदिर, असम, गुवाहाटी के स्वरूप में हुआ मंदिर का निर्माण, मां कामाख्या के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर । बिलासपुर जिले के लिंगियाडीह स्थित मां कामाख्या देवी मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ आई है, बड़ी संख्या में आस पास के लोग सहित अन्य जिलों से भी श्रद्धालु यहां माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं, मंदिर संचालक मनहरण यादव ने बताया कि असम, गुवाहाटी के स्वरूप में ही इस मंदिर का निर्माण किया गया है, यह छत्तीसगढ़ का पहला मंदिर है जो इनके अथक प्रयास के चलते निर्माण किया जा सका है, और इस कार्य में पूरा परिवार जुटा रहता है, बताते चलें कि मंदिर में नियमित रूप से माता रानी की पुजा अर्चना के साथ ही समय समय पर यहां कन्या भोज और भंडारा का आयोजन भी कराया जाता है।

बताते चलें कि आज नवमी के दिन 108 कन्याओं का कन्या भोज कराया गया,आज बड़े समुचित तरीके से हवन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, कार्यक्रम में शिक्षा विभाग में संकुल अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे अशोक तिवारी ने बताया कि मंदिर के निर्माण, जीर्णोद्धार को हमने देखा है और आज तक जो भी मनोकामनाएं माता रानी मां कामाख्या से मांगी है वह पूर्ण हुई है, अब मां कामाख्या देवी मंदिर को और भी बड़े स्वरूप में देखना चाहते हैं।

इस दौरान अशोक तिवारी ने राम नाम जप के बारे में बताया कि उन्होंने 3 लाख से अधिक बार श्री राम नाम का जप किया है और श्री राम नाम का जप आगे भी निरंतर जारी रहेगा, इस दौरान रामशंकर शुक्ला ने श्री राम नाम जप की महिमा और विशेषताएं बताई, गौरतलब हैं कि रामशंकर शुक्ला एक अच्छे साधक हैं। जो 100 डिग्री से भी अधिक तापमान में ज्योति कलशों के बीच में साधना रत रहते हैं। मां की कृपा हमेशा सभी पर बनी रहे।



