October 25, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

12 घंटे में तलाश पूरी, सकरी पुलिस ने लौटाई मां की मुस्कान!पार्लर के वादे से वैक्सीन के भुगतान तक! दो शिकायतें, ₹2.11 लाख का दावा—अब पुलिस जांच पर टिकी नजरकांग्रेस का संगठनात्मक शक्ति परीक्षण शुरू? वोट बचाओ अभियान की तैयारी तेज, 27 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे AICC प्रभारीबस्तर दशहरा लोकतंत्र की मिसाल, माओवाद के बाद विकास की अग्निपरीक्षा! राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश, अब जमीन पर बदलाव की बारीदो रावण दहन, दो हादसे… सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल? अब जवाबदेही की अग्निपरीक्षा!अनुशासन की कदमताल, संगठन की ताकत! संजीवनी प्रभात शाखा का पथ संचलन संपन्नअरपा में बढ़ सकता है जलस्तर, विसर्जन में लापरवाही पड़ सकती है भारी!माता के दरबार में जात-पात नहीं, सिर्फ भक्तों की पहचान! त्रिलोक चंद्र श्रीवास का सामाजिक समरसता का संदेशपत्नी के सम्मान और संघर्ष की कहानी, अशोक व्यास की 15वीं पुस्तक ‘एक पत्नी पर पुस्तक क्यों?’ का विमोचनगौवंश के पेट में पन्नी, नालियों में प्लास्टिक, पानी में जहर का खतरा! प्रतिबंध के बावजूद लगाम कहां?
छत्तीसगढ़बिलासपुर

8 शिक्षकों का भार नहीं उठा पाई सरकार, 200 बच्चों का भविष्य अंधकार में कर दिया – शैलेष पांडेय

स्वामी आत्मानंद के मासूम बच्चों का भविष्य कलेक्टर और डीईओ भी नहीं बचा पाए, बीजेपी सरकार स्वामी आत्मानंद योजना की लोकप्रियता से खुश नहीं है - शैलेष 

प्रचंड प्रहार न्यूज/नेटवर्क/बिलासपुर। कांग्रेस शासन की सबसे लोकप्रिय योजना जिसने हज़ारों ग़रीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के भविष्य बनाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया और स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल पूरे प्रदेश में खोले जिसमे हज़ारों वो बच्चे जिनके माता पिता प्राइवेट स्कूल की फीस देने में समर्थ नहीं थे उनके लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ और वो बच्चे जिन्हें निशुल्क गुणवत्ता युक्त शिक्षा सरकार दे रही थी लेकिन स्वामी आत्मानंद योजना बीजेपी सरकार कि किरकिरी बनी हुई थी और आख़िर सरकार ने नर्सरी के बच्चों को उसका दंड दे दिया और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर दिया,ये एक षड्यंत्र है क्योंकि इस सरकार की कभी भी मंशा नहीं रही कि ये स्वामी आत्मानंद योजना चलाए।

बिलासपुर में नर्सरी में मात्र दो सौ बच्चे पढ़ते है और केवल आठ शिक्षक उनको पढ़ाते है क्या सरकार उनके वेतन की व्यवस्था कहीं से भी नहीं कर सकती थी क्या DMF फण्ड ही सहारा था, अगर डीएमएफ के नियम बदल गए है तो संविदा फण्ड जो हर वर्ष लैप्स हो जाता है उसी से इन शिक्षकों को सैलरी दे सकते थे लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है और बिलासपुर के सम्मानीय कलेक्टर भी रुचि नहीं लिए कि इन बच्चों की पढ़ाई बंद न हो और वो भी सरकार सोंच से काम कर रहे है।

मासूम बच्चों के भविष्य को ख़राब न करें ।

बिलासपुर कलेक्टर को सरकार से बात करनी चाहिए और एक अलग मद से इनका भुगतान करके इन बच्चों के भविष्य को बचाना चाहिए नहीं तो ऐसे में उनकी प्रारंभिक पढ़ाई का क्या होगा और फिर बीजेपी सरकार पहले की तरह स्कूल बंद करो यही ढर्रा अपनाती रही है। बिलासपुर से शुरू हुई स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना को आज बीजेपी सरकार ने बलि चढ़ाने की शुरुआत कर दिया है। सरकार से अनुरोध है कि वो इन बंद स्कूलों को पुनः चालू करे और मासूम बच्चों के भविष्य को ख़राब न करें।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close