July 28, 2026 |
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करंट से गौ वंश की मौतक्राइमछत्तीसगढ़बिलासपुर

जुगाड से जानवरों को डराने चले, खेत के चारों ओर लगे जानलेवा करंट से गौ वंश की मौत, पुलिस से की गई शिकायत, जानिए क्या है मामला ?

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बेलतरा क्षेत्र में स्थित खूंटाघाट बांध के किनारे की जा रही खेती को मवेशियों से बचाने, खेत में घुसने से रोकने के लिए लगाई गई करंट से एक गौ वंश की मौत हो गई है। घटना से आक्रोशित किसान भदरा पारा बेलतरा निवासी संतोष कुमार नेताम पिता शुक्रवार सिंह ने जिसकी शिकायत रतनपुर थाने में दर्ज कराई है।

संतोष नेताम ने पुलिस से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि अशोक धीवर द्वारा लगाए गए करंट की जाल में फंसकर कई मवेशियों की मौत हो गई। जिसे उसने जमीन में दबा दिया है। नेताम ने बताया कि वह स्वयं एक किसान है, जिसने गाय पाल रखा है। रोज की तरह उसकी गाय घास चरने गई थी, जहां आज दिनांक 20/04/2025 को सुबह लगभग 11 बजे उसे पता चला कि उसकी गाय अशोक कुमार धीवर के खेत के चारों ओर लगाए हुए नंगे तारों की चपेट में आकर मर गई और ऐसे ही कई किसानों की गायें भी इसी तार की चपेट में आने के कारण मर गई है। जिसकी जानकारी किसी को ना हो इसके लिए अशोक धीवर द्वारा उन्हें जमीन में वहीं पर गाड़ दिया जाता है।

चूंकि उक्त व्यक्ति का खेत आम रास्ते के बीच में आता है । जहां रात के समय में भी लोगों का आना जाना भी होता है। और इस तरह से खेत में फैले हुए मौत के जाल (करंट) के कारण भविष्य में बड़ी दुर्घटना घटित होने की संभावना बनी हुई है। जिसे देखते हुए उक्त स्थान से तार को हटवाने के साथ- साथ उक्त व्यक्ति के ऊपर कड़ी न्यायिक कार्यवाही की मांग की गई है।

झटका मशीन रूपी मौत का जाल, करंट से जान का खतरा

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बिलासपुर जिले के बेलतरा क्षेत्र में स्थित खूंटाघाट बांध के डुबान क्षेत्र में कई किसानों ने झटका मशीन रूपी मौत का जाल बिछा रखा है। इन दिनों खेत में फसलें लहलहा रहीं है, जिसकी रखवाली के लिए किसानों ने खेतों में बिजली की लाइन बिछा रखी है। जिससे वन्यजीवों, मवेशियों और आमजनों को करंट से जान का खतरा बन गया है। किसान अपनी फसलों को बचाने के खातिर मवेशी, वन्यजीवों और आमजनों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। खेतों के चारों तरफ नंगे तारों की फैंसिंग करवा रहे हैं। इन तारों के जरिए करंट प्रवाहित होता है। जैसे ही मवेशी या अन्य जीव इन तारों के संपर्क में आते हैं। उन्हें जोर का झटका लगता है और इससे कई जीवों की जान तक चली जाती हैं। किसानों का मानना है कि करंट का झटका लगने से मवेशी खेतों की ओर दोबारा रुख नहीं करते । यदि नॉर्मल तारों और कांटो की फैंसिंग करते है तो मवेशी उसे हटाकर खेतों में घुस जाते है। झटका मशीन उसे रोकता है। ज्ञात हो कि ऐसे झटका मशीनों पर प्रतिबंध लगाया है. इसके बावजूद, कई जगहों पर खेतों में झटका मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है. झटका मशीन से जानवरों के साथ-साथ इंसानों की भी जान जाने का खतरा रहता है.

एक झटका जानवर ही नहीं, इंसानों के लिए भी हो सकता हैं जानलेवा

बताते चलें किसान अपनी फसल की रखवाली के लिए बैट्री से चलने वाली झटका मशीन उपयोग में लाते हैं। बताया जा रहा है कि इससे लगने वाला झटका हल्का होता है, जिससे जान बच जाती है, लेकिन कई बार किसान बिजली तार को सीधे ट्रांसफार्मर या हैवी करंट वाली लाईन से सीधे जोड़ देते हैं। जिनसे खेतों में हाई वोल्टेज करंट फैल जाता है और संपर्क में आने वाले जीव की मौत हो जाती है. किसानों के द्वारा लगाई गई खेतों में झटका मशीन आमतौर पर जानवरों के लिए तो फसल बचाने के लिए लगाई जाती है. लेकिन अगर इसमें इंसान चपेट में आने से झटका लगता है तो ये शरीर के लिए नुकसानदायक होता है. इस झटके से शरीर की सेल्स डेमेज हो जाती है. लेकिन जब इसमें किसान करेंट प्रवाहित करते तो जानवर और इंसान दोनों की मौत भी हो जाती है।

बहरहाल उक्त घटना की शिकायत रतनपुर पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई है । अब यह देखना जरूरी होगा कि इस गंभीर मामले में किस तरह की न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखना होगा कि क्या प्रशासनिक अमला ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ती ना हो, इसके लिए कोई ठोस कदम उठा पाएंगे या यू ही निर्दोष जीवों के मौत का सिलसिला जारी रहेगा ?

Prachand Prahar

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