June 11, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में साक्षी बचानी को मिले 95 प्रतिशत अंकबार-बार स्ट्रोक के खतरे से मिली राहत, 70 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफल LAA क्लोजरवृंदावन ग्रीन फ़ार्म में सजी थी जुए की महफिल, छापामार कार्यवाही में सपड़ाए जुआरी, ग़ैर जमानती धाराओं में गिरफ़्तारश्रीश को गणित में 100 में से 100 अंक, आद्या को भी सभी विषयों में मिली विशेष योग्यता, आत्मानन्द स्कूल की छात्र – छात्राओं ने लहराया सफलता का परचमनगरीय निकाय उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी बनने 05 दावेदारों ने दिया आवेदन, 03 दिवस के भीतर होगा नाम फाइनल, चयन समिति के फैसले का इंतजारगोलियों की आवाज से गूंज उठी राजधानी, सत्ता के संरक्षण और सरकारी नौकरी के तेवर का वीडियो वायरल, नहीं थम रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं नगरीय निकाय उपचुनाव: शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने गठित की 11 सदस्यीय प्रत्याशी चयन समितीआवाज उठी थी, अब असर दिख रहा है ! गुरुजनों के सम्मान की लड़ाई, अब निर्णायक मोड़ पर – अंकित गौरहा
कांग्रेसछत्तीसगढ़प्रदेशबिलासपुर

कांग्रेस नेता बोले उच्च शिक्षण संस्थान को आरएसएस के इशारे पर किया जा रहा दूषित, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

आरएसएस के इशारे पर कुलपतियों द्वारा द्वारा शहर का सौहार्द्र बिगाड़ने के आरोप में कांग्रेस करेगी भाजपा कार्यालय का घेराव . जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने किया ऐलान

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंटल यूनिवर्सिटी और अटल बिहारी बाजपेई यूनिवर्सिटी में जो कुछ चल रहा है, इसके पीछे आरएसएस का ही इशारा है. शिक्षण संस्थान जैसे पवित्र स्थल को आरएसएस के कुलपतियों ने ना केवल दूषित किया है साथ ही राजनीति का अड्डा बना दिया है कैम्पस के भीतर जो कुछ चल रहा हैं एह बेहद आपत्ति जनक है. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है. विजय केशरवानी ने आरएसएस के इशारे पर कुलपतियों द्वारा द्वारा शहर का सौहार्द्र बिगाड़ने के आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है।

गुरु घासीदास सेंटल यूनिवर्सिटी और अटल बिहारी बाजपेई यूनिवर्सिटी के बारे में सबको यह अच्छी तरह मालूम है कि ये दोनों यूनिवर्सिटी आरएसएस के सिद्धांतों पर चल रही है । यहां के पाठ्यक्रम और नियुक्तियां संघ के मुताबिक होती है कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ऐसी स्थिति में एक यूनिवर्सिटी के 120 छात्रों को कथित रूप से नमाज पढ़ाए जाने की घटना एकाएक गले से नीचे नहीं उतरती ।यदि इसमें थोड़ी भी सच्चाई है तो आश्चर्य है कि “संघ” एक नहीं बल्कि दोनों यूनिवर्सिटी के कुलपति को हटवाने में देर क्यों कर रही है?

छात्र छात्राओं को विवि में चल रहे सुनियोजित हथकंडों से बचना चाहिए

जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि देश को हिंदू मुस्लिम के विवाद में झोंक देने वाली केंद्र सरकार लगता है अब शिक्षण संस्थानों में भी इस राष्ट्रव्यापी साजिश को सुनियोजित ढंग से फैलाना चाहती है । बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने से हाथ पीछे खींचने वाली केंद्र की सरकार लगता है शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के बीच सांप्रदायिकता का जहर घोलने की शुरुआत कर चुकी है । अच्छे भविष्य की कल्पना को लेकर अध्ययनरत छात्र छात्राओं को विवि में चल रहे सुनियोजित हथकंडों से बचना चाहिए ।

गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी की गतिविधियों को देखकर पछता रहे होते

श्री केशरवानी ने कहा कि बिलासपुर के कोनी में स्थापित दोनों विश्वविद्यालय में लगातार इस तरह राष्ट्रीय व्याख्यान और कार्यशाला आयोजित किए जाते है। जिसका विषय ही राजनीति से प्रेरित होता है। ऐसे आयोजनों में करोड़ो खर्च किया जाता है और व्याख्यान को संबोधित करने संघ से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया जाता है। लेकिन ऐसे व्याख्यानों से छात्र छात्राओं का कोई हित नहीं होता है । कश्मीर से लेकर मणिपुर, असम सहित कई राज्यों के हालात पर व्याख्यान तो होते है । लेकिन छत्तीसगढ़ को लेकर कभी भी इस तरह के व्याख्यान नहीं होते ।
श्री केशरवानी ने कहा कि आज के सेंटल यूनिवर्सिटी और मप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह द्वारा प्रारंभ किए गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में जमीन आसमान का अंतर है । आज का यूनिवर्सिटी स्व. अर्जुन सिंह के सपनों का यूनिवर्सिटी कदापि नहीं है । आज अगर स्व.अर्जुनसिंह जीवित होते तो आज के गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी की गतिविधियों को देखकर पछता रहे होते ।

छात्र छात्राओं के बीच कहीं मतभेद किए जाने की साजिश तो नहीं हो रही?

श्री केशरवानी ने बयान में कहा कि नमाज के आड़ में केंद्रीय यूनिवर्सिटी में विभिन्न समाज के अध्ययनरत छात्र छात्राओं के बीच कहीं मतभेद किए जाने की साजिश तो नहीं हो रही? जिन 120 छात्रों को नमाज पढ़ाए जाने की जोर शोर से चर्चा हो रही है वे छात्र कोई केजी वन, टू के छात्र नहीं है उनमें इतनी तो समझ होगी ही कि वे क्या करने जा रहे ।यदि वास्तव में नमाज पढ़ाने की साजिश हो रही थी तो पीड़ित छात्रों ने उसी समय विरोध क्यों नहीं किया ? छत्तीसगढ़ राज्य अपने निर्माणकाल से ही शांति पूर्ण और सांप्रदायिक सद्भाव वाला राज्य रहा है । यहां के नागरिक आपसी भाईचारे को मानने वाले है । यहां वर्ग विशेष के प्रति जहर उगलने की साजिश करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। संघ के विचारों से ओतप्रोत दोनों यूनिवर्सिटी के कुलपति विवादित हो चुके है। इसलिए दोनों को यहां से हटाए जाने की जरूरत है।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close