October 28, 2026 |
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अपोलो में मरीजों को नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ, प्रबंधन पर बिफरे बेलतरा विधायक

विधायक सुशांत की अपोलो प्रबंधन को चेतावनी, गरीबों और जरूरतमंदों को मिले आयुष्मान योजना का लाभ, नहीं तो प्रबंधन खाली करे सरकारी जमीन

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित संभाग के सबसे बड़े अपोलो अस्पताल में आयुष्मान योजना संचालित नहीं होने एवं योजना के तहत अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं होने से नाराज विधायक सुशांत शुक्ला ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा, “आयुष्मान योजना” गरीबों और जरूरतमंदों के इलाज के लिए है। अगर इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिलेगा, तो इसका क्या औचित्य है? मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

विधायक ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आयुष्मान योजना से डायलिसिस बंद होता है या शासकीय योजनाएं लागू नहीं की जाती है तो अपोलो प्रबंधन को शासकीय भूमि छोड़ना चाहिए। शासकीय योजनाओं का लाभ मरीजों को नहीं दिए जाने पर भड़के विधायक ने अपोलो प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्यवाही एवं प्रदर्शन करने की बात कही है।

विधायक शुक्ला ने अपोलो अस्पताल का किया निरीक्षण

गौरतलब है कि अपोलो प्रबंधन द्वारा मनमानी करते हुए केंद्रीय जनकल्याणकारी योजनाओं से किनारा कर लिया गया है। अस्पताल में आयुष्मान योजना से इलाज बंद है। डायलिसिस जैसी अतिमहत्वपूर्ण सेवाएं भी आर्थिक रूप से कमजोर, गंभीर मरीजों को नहीं मिल पा रही है। इसकी जानकारी मिलने पर विधायक सुशांत शुक्ला ने अपोलो अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को इलाज में आ रही समस्याओं पर गहरी नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल प्रबंधन से विस्तार से जानकारी ली और कई मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मरीजों ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में उचित व्यवस्था नहीं है, और उन्हें इलाज से वंचित किया जा रहा है।

विधायक ने कहा…शासकीय जमीन पर बने अस्पताल को भी खाली कर देना चाहिए…

जिसके बाद अपोलो प्रबंधन के साथ बैठक कर विधायक सुशांत शुक्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि जब शासकीय योजनाएं अस्पताल में लागू नहीं हो सकती है। प्रबंधन शासकीय योजनाओं का फायदा जनता को देने में असमर्थ है। तो अपोलो को शासकीय जमीन पर बने अस्पताल को भी खाली कर देना चाहिए। विधायक की नाराजगी देखकर अपोलो अस्पताल सरेंडर मोड में नजर आया।
सुशांत शुक्ला ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे अस्पताल में इस योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत उन्हें दें। विधायक सुशांत शुक्ला का यह सख्त रुख और अस्पताल प्रबंधन को दी गई चेतावनी निश्चित रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। यह कदम आयुष्मान भारत योजना के सुचारु कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Prachand Prahar

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