रकम की वापसी को लेकर हत्या? न्यायधानी में नहीं थम रहा हत्याकांड का सिलसिला, पुलिस बता रही दुर्घटना, परिजन लगा रहे हत्या का आरोप

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। न्यायधानी में इन दिनों अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता दिखाई पड़ता है, जहां एक तरफ पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने विभिन्न उपाय कर रही है तो वही अपराधी बेखौफ होकर गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे है। शहर में लगातार बढ़ते अपराध ने लोगो का जीना दुभर कर दिया है, आमजनता जहां खौफ के साये में अपना जीवन गुजार रहे हैं वही अपराधी खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए हत्या जैसे संगीन अपराधों को भी करने से नहीं झिझक रहे है। आए दिन हो रही गंभीर अपराधो की सूचनाएं मीडिया की सुर्खियों में रहती हैं, खासकर किसी के हत्या का मामला, किसी एक हत्याकांड का मामला पुलिस सुलझाती नही की दूसरा मामला पुलिस को चुनौती देने सामने आ जाता है। इन हत्याओं की कड़ी में एक और मामला उजागर हो रहा है ।
मिली जानकारी हरिओम सिंह पिता विनोद सिंह निवासी तोरवा का शव विद्यानगर क्षेत्र से बरामद हुआ है। पुलिस शव का पंचनामा भी करवा चुकी है। लेकिन किस थाना की पुलिस ने पंचनामा करवाया यह अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है। बताया जा रहा है कि डायल 112 ने मृतक हरिओम को घायल अवस्था में जे जे अस्पताल पहुंचाया बाद में तोरवा थाना में पदस्थ एसआई दिनेश के द्वारा मामले की सूचना परिजनों को दी गई, तब जाकर मृतक के पिता विनोद सिह को जानकारी हुई कि अब उनके पुत्र नही रहे।
परिजन ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर को इंद्रजीत यादव, श्रेयांश राजपूत और एक अन्य ब्यक्ति उनके घर पर आए, उन्होंने पूछा हरिओम कहां है, हमने पूछा कि क्या बात है तब उन्होंने कहा कि कुछ पैसे का मेटर है। हमने बोला अपना नंबर दे दो, आयेगा तो बात करा देंगे। उसके बाद वह चले गए। फिर 24 तारीख की दरम्यानी रात करीब 12.30 से लेकर 1.30 बजे तक 25 तारीख को उन्होंने ने हरिओम सिह की बातचीत घर वालो से कराई।
बातचीत के दौरान हरिओम ने बोला चाचू इन्हें पैसा दे दो, ये लोग मुझे बहुत मार चुके है और मार रहे है , फिर हम लोगो ने यादव से बातचीत करते हुए कहा कि मत मारो बच्चा है, बैठकर बात कर लेते है । उन्होंने फोन काट दिया, फिर सुबह 4 बजकर 30 मिनट में श्रेयांश राजपूत ने फोन किया। तब वह सोए हुए थे। जिसके बाद 25 तारीख को विनोद सिह ने श्रेयांश राजपूत को फोन किया पूछा कि हरिओम कहा है जिस पर विनोद सिह को बोला गया हम लोग मारपीट के छोड़ दिए है। 26 तारीख को तोरवा थाना से फोन आया हम लोगों से हरिओम के बारे में पूछा गया और एक्सीडेंट से हरीओम के खत्म की जानकारी दी गई। हम लोगों ने बोला कि यह एक्सीडेंट नही बल्कि हत्या है। और पूरी जानकारी पुलिस को दिए हम लोगों को न्याय चाहिए।
तोरवा पुलिस ने कुछ भी कहने से किया इंकार
मामले को लेकर तोरवा टीआई ने जाँच के बाद ही कुछ कहने की बात कही है। उनके थाना क्षेत्र का मामला नही होना बताया बिलासपुर पुलिस के लिए इतनी कार्यवाही करने की बात कही है।
तारबाहर पुलिस को नही जानकारी
घटना की जानकारी लेने जब तारबाहर टीआई से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इस मामले की जानकारी नही होना की जानकारी दी।
शव में चोट के निशान
घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कराया है। पंचनामा से पूर्व परिजनों ने शव को देखकर शरीर पर कई जगह चोट होने की जानकारी मीडिया को दी है। वही रकम की लेनदेन को लेकर हत्या करना बताया है।



