August 25, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर बिलासपुर फोटोग्राफर संघ द्वारा फोटो प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजितमनरेगा में लाखों के गबन का आरोप: फर्जी हाजरी की जांच तेज, दूसरी बार तलब हुए सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकमहिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता हेतु गायनेकोलॉजी अवेयरनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्नकौन बनेगा फुटबॉल सम्राट’ प्रतियोगिता के विजेताओं का अमर अग्रवाल ने किया सम्मानCBSE के नाम पर प्रवेश, ‘शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा विवाद ! निजी स्कूल पर गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिसकांग्रेस सरकार अस्पताल के मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोल पाई, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वर्षों तक वंचित रही जनता200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन जनता का इलाज अब भी इंतजार में – विजयकछार, सेंदरी, लोफंदी के बाद अब संकट में खैरा-डंगनिया के जंगल, क्या बचेगी बेलतरा की प्राकृतिक धरोहर – अंकित गौरहा मां महामाया की नगरी रतनपुर की 165 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा: आस्था और विकास दोनों खतरे में ?आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियां, अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर(Gastro Care) सुविधाएं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध 
छत्तीसगढ़देशबिलासपुरमहतारी वंदन योजनालाइफस्टाइलसामाजिकसुरक्षा

“सफलता की कहानी” महतारी वंदन योजना उम्मीद की नई किरण, मुसीबतों से घिरे साहू परिवार को मिला सहारा

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर । बिलासपुर मुख्यालय से लगभग 25 किमी दूर मस्तूरी ब्लॉक का गांव वेद परसदा, जहां श्रीमती साहिन बाई साहू अपने पति और दिव्यांग बच्चे के साथ बमुश्किल गुजर-बसर कर रही थीं। उनके पति श्री अर्जुन साहू विगत 15 सालों से चल-फिर पाने में असमर्थ हैं। पैरालिसिस के चलते वे काम नहीं कर पाते हैं। उनका 24 वर्षीय पुत्र पैदायशी बोल पाने में असमर्थ हैं। श्रीमती साहिन पर मानों मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा। मुफलिसी के इस दौर में महतारी वंदन योजना ने उम्मीद की एक किरण दी ।

रूंधे गले से श्रीमती साहिन बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से पति का हर माह इलाज करवाती हैं। घर के राशन में भी मदद मिल जाती है। श्रीमती साहिन ने बताया कि उनके पास आधा एकड़ खेत है। पहले उसी से गुजारा चलता था लेकिन इलाज के लिए पैसों की किल्लत हो जाती थी और राशन का सामान लेना भी मुश्किल हो जाता था।

उनके पति ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा खाद्यान्न सहायता के तहत 35 किलो चावल हर माह मिलता है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली राशि उनके लिए बहुत बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ की परंपरा रही है कि यहां बेटियों को अगाध स्नेह और सम्मान दिया जाता है। बेटियों का हर घर में विशेष स्थान होता है। तीज-त्यौहारों में बेटियों और बहनों को स्नेह से भेंट और राशि दी जाती है। महतारी वंदन योजना लागू होने से महिलाओं के विश्वास की जीत हुई है।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close