January 17, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

युवा कांग्रेस बनेगी जनता की आवाज – अंकित गौरहा व्यापार – उद्योग, सेवा, संस्कृति और मनोरंजन का होगा अनूठा संगम, BNI बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेले के रंग में रंगेगा शहर, मेला पत्रिका का हुआ विमोचनलिंगियाडीह में गरीबों पर बुलडोजर की राजनीति, क्या अपोलो के लिए उजाड़ें जा रहे 113 परिवार के घर – अंकित गौरहामजदूर के घर को ढहा दिया, पुलिस को झूठी जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप, पीड़ित ने आईजी को बताई अपनी आपबीती, दोषियों के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही की मांगयुवा कांग्रेस के सक्ति जिला प्रभारी बने अंकित गौरहा, शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार8 शिक्षकों का भार नहीं उठा पाई सरकार, 200 बच्चों का भविष्य अंधकार में कर दिया – शैलेष पांडेयगांव सशक्त होंगे, तभी साकार होगा विकसित भारत का संकल्प” – केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहूमोनू ग्लोबल की टीम अगले दौर में, फाइनल मुकाबले में पूर्व मिस वर्ल्ड एवं बॉलीवुड अभिनेत्री ( मिस वर्ल्ड 2017 ) मानुषी छिल्लर होंगी सेलिब्रिटी गेस्टडी.एम.आई धमतरी और बालाजी भिलाई के बीच हुआ रोमांचक मुकाबला, खेला गया प्रतियोगिता का पहला सुपर ओवरलिंगियाडीह बचाओ आंदोलन : जब तक सांस है ! तब तक आस है !! लिंगियाडीह ही क्यों, समझ से परे ? अनिश्चितकालीन महाधरना, निरंतर जारी रहेगा
छत्तीसगढ़टीकाकरणटॉप न्यूजदेशप्रदेशबिलासपुरसमस्याएंसुरक्षास्वास्थ्यस्वास्थ्य विभाग

CIMS क्यों बीमार है ? बिलासपुर में घोषित AIMS की स्थापना में डबल इंजन सरकार की रुचि क्यों नहीं ? – पाण्डेय

थाली बजाने से बीमारी नहीं दूर होगी, सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को रोकथाम के लिए पर्याप्त फण्ड क्यों नहीं दिया ? - शैलेश

बिलासपुर में टीकाकरण से मासूमों की मौत ने बेनक़ाब किया सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को ! लापरवाही के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, क्यों ? – शैलेश

बिलासपुर में स्वाइन फ्लू, डायरिया, मलेरिया और डेंगू से हुई मौतों की जाँच होनी चाहिए – शैलेश

 

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। बिलासपुर में टीकाकरण से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई और परिजनों ने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही से बच्चों की जाने गई है, पूर्ण रूप से दोनों बच्चे स्वस्थ थे और वजन भी ठीक था फिर भी टीके के कुछ देर बाद ही उनकी मौत कैसे हो गई, कोटा के पटेता ग्राम में गाँव के लोगो ने सरकारी जाँच समिति पर आक्रोश दिखाया था और सरकार पर लापरवाही का आरोप भी लगा है।

 

कोटा में चाइल्ड स्पेशलिस्ट क्यों नहीं थे, बीएमओ ने भी डॉक्टर नहीं होने की लाचारी बताई थी, सरकार ने नियुक्त डॉक्टरों को बिलासपुर क्यों अटैच कर दिया था, कोई वकाल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं किया और टीके के बाद डॉक्टरों ने उचित इलाज तत्काल क्यों नहीं किया ताकि बच्चों को बचाया जा सके ? सभी सवाल सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बेनक़ाब कर रहे है और जनता का रोष सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के प्रति बढ़ता जा रहा है ।

जिले में स्वाइन फ्लू से लगातार रोज़ मौत हो रही है, सरकार बीमारियों के प्रति इतनी लापरवाह क्यों हो चुकी है, जनता के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की जवाबदेही बनती है। लेकिन बिलासपुर बीमारियों का गढ़ बन गया है चाहे स्वाइन फ्लू हो या फिर डायरिया या फिर मलेरिया या डेंगू हो, सभी बीमारियों में मासूमों की जाने गई है और सरकार की संवेदनशीलता समाप्त हो चुकी है इसलिए विभाग को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है, थाली बजाने से जनता की बीमारियाँ नहीं दूर होने वाली है और बीजेपी की सरकार को ठोस कदम उठाना पड़ेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिलासपुर ही क्यों इतना पीड़ित है और गई जानों का हिसाब सरकार को देना होगा।

छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार ने अभी तक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शुरू नहीं किया है, कांग्रेस की सरकार के समय बन कर तैयार नया हॉस्पिटल अभी तक ये सरकार शुरू नहीं कर पायी है और बड़े बड़े दावे करती है, बिलासपुर में घोषित नये AIMS की स्थापना के प्रति डबल इंजन की सरकार बहुत उत्साही नहीं दिख रही है क्यों ? क्या बीजेपी सरकार का मन बदल गया है या फिर दिल्ली में उनकी चल ही नहीं रही है, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने विधानसभा में पूर्व बिलासपुर विधायक की माँग पर बिलासपुर में AIMS की स्थापना की घोषणा किया था, लेकिन ये सरकार की रुचि दिखाई नहीं देती है। क्यों?

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close