August 19, 2026 |
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छत्तीसगढ़जे०जे० एक्ट एवं पोक्सो एक्टदेशबाल संरक्षण विषयबिलासपुर

जे०जे० एक्ट एवं पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के साथ बाल संरक्षण विषय पर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) के नोडल अधिकारी एवं थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों सीडब्ल्यूपीओ द्वारा की गई शिरकत

 “Training for Child Welfare Police Officers On the JJ and POCSO Act”

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ रायपुर एवं रेंज पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 03-09-2024 को युनिसेफ एवं सी०एस०जे० के तत्वाधान में रक्षित केन्द्र, बिलासपुर स्थित न्यू कांन्फ्रेस हाल में रेंज के जिलों के थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों का “Training for Child Welfare Police Officers On the JJ and POCSO Act” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया।

प्रशिक्षण का शुभारंभ युनिसेफ के नोडल अधिकारी अभिषेक सिंह, सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ के स्वागत उद्बोधन से हुआ। श्री सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थी पुलिस अधिकारियों को सम्बोधित कर किशोरों के प्रकरण में एम्पेथी एवं सिम्पेथी के साथ कार्यवाही करने तथा एक्टीव लिसनिंग के साथ बच्चों के साथ पूछताछ करने संबंधी बताया गया ।

रजनेश सिंह पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर द्वारा अपने विशेष उद्बोधन में बताया गया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के दौरान यह बात सामने आई है कि वर्तमान में बच्चे मोबाईल, सोशल मिडिया के प्रभाव में आने के कारण गंभीर अपराध में फंस जाते है, बच्चे समाज का भविष्य हैं इन्हें समाज की मूल धारा में जोड़ने की आवश्यकता के दृष्टित आयोजित प्रशिक्षण में विशेषज्ञों दी जाने वाली जानकारी को अच्छे से समझ कर इसका लाभ लेने प्रशिक्षणार्थियों को कहा गया।

डा. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा अपने मुख्य उद्बोधन में प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। श्री शुक्ला द्वारा बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं इसके लिए बनाये गये कानूनी प्रावधानों का पालन कराया जाना केन्द्र, राज्य सरकार के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के सर्वोच्च प्राथमिकता के कार्यो में आते हैं । थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को संबंधित प्रावधानों एवं कानून का ज्ञान होना चाहिए। इस संबंध में प्रशिक्षण के दौरान युनिसेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जायेगी, प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का संपूर्ण लाभ लेने निर्देशित किया गया। जेजे एक्ट के अंतर्गत उल्लेखित प्रावधा, ड्रेस कोड, रिपोर्ट के तरीके, संरक्षण में रखने की आवश्यकता संबंधी प्रावधान आदि की समुचित जानकारी प्राप्त करने कहा गया।

प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को इस प्रशिक्षण के उपरांत दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही नही बरतने तथा दायित्व का निर्वहन मिशन मोड में एम्पेथी के साथ मनोयोग से काम करने निर्देशित किया गया । साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने उपरांत अपने अपने थानों के अधिकारी/कर्मचारियों को भी इस प्रशिक्षण में जे०जे०एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट व बाल संरक्षण के संबंध में जानकारी देने कहा गया।

प्रशिक्षण में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सी०एस०जे० निमिषा श्रीवास्तव द्वारा बाल संरक्षण एवं कानूनी ढ़ांचे का परिचय तथा पॉक्सो एक्ट 2012 पर व्याख्यान दिया गया। रिस्टोरेटिव जस्टिस सी०एस०जे० उर्वशी तिलक द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बच्चों पर आधात का मनोवैज्ञानिक प्रभाव विषय पर प्रशिक्षण दिया गया । विशेंषज्ञो द्वारा मुख्य रूप से बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण व इसके रोकथाम के संबंध पुलिस की भूमिका, बच्चों से संबंधित प्रकरणों में अलग-अलग कानूनों की आवश्यकता, केस स्टडी के उद्धरण प्रस्तुत कर बच्चों के अधिकार व शोषण विषय पर जानकारी दी गई। इसके साथ डीसीपीयू पर प्रकाश डाला गया ।

प्रशिक्षण में रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, श्रीमती मेघा टेम्भुरकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, रायपुर, कमलेश्वर चंदेल, अति०पुलिस अधीक्षक, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सुश्री रमा पटेल, अति०पुलिस अधीक्षक, सक्ती, श्रीमती मधुलिका सिंह, अति०पुलिस अधीक्षक, रेंज पु०म०नि० कार्यालय बिलासपुर, श्रीमती पूजा कुमार भापुसे, नगर पुलिस अधीक्षक, कोतवाली, बिलासपुर, विशेष पुलिस किशोर इकाई में पदस्थ सी.डी. लहरे, उप पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, उत्तम प्रताप सिंह, उप पुलिस अधीक्षक, रायगढ़, आई०तिर्की, उप पुलिस अधीक्षक कोरबा, विजय पैकरा, उप पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, नवनीत पाटिल उप पुलिस अधीक्षक, मुंगेली, श्याम सिदार उप पुलिस अधीक्षक,गौ०पे०म०, श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा, उप पुलिस अधीक्षक, लाईन, बिलासपुर युनिसेफ से अभिषेक सिंह, सामाजिक एवं व्यवहार परिर्वतन विशेषज्ञ, निमिशा श्रीवास्वतव, एक्टीक्यूटिव डायरेक्टर सीएसजे, उर्वशी तिलक, डायरेक्टर रिस्टोरेटिव्ह जस्टिस, सीएसजे, निमिषा श्रीवास्तव, एक्जीक्यूटिव्ह डायरेक्टर सी०एस०जे०, गीतांजोली दास गुप्ता, चाईल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट युनिसेफ, अन्य युनिसेफ व सी०एस०जे० के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती मेघा टेम्भूरकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, रायपुर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया । रेंज के 08 जिलों के थानों में पदस्थ कुल 120 बाल कल्याण पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए।

Prachand Prahar

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