
प्रचंड प्रहार/बिलासपुर/कोटा। वनरक्षक विनय तिवारी के झांसे में आकर एक करोड़ बहत्तर लाख रुपये गंवा चुके सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर रतनलाल पाण्डेय निवासी गया विहार सरकण्डा ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित रतनलाल पाण्डेय के आरोप मुताबिक बिलासपुर वन विभाग में पदस्थ मस्जिदपारा कोटा निवासी वनरक्षक विनय तिवारी ने षड्यंत्र पूर्वक उन्हें अंजना चौकसे, प्रकाश सोनी और रवि नामदेव से कुल 35 लाख रुपये उधार में दिलाया। इनके अतिरिक्त अन्य लोगों से भी उधार में रकम दिलाकर एक करोड़ बहत्तर लाख रुपये के ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है।

शातिर वनरक्षक विनय तिवारी दीगर लोगो के कामकाज को दिखाकर खुद का काम बताकर फायदे का लालच देकर रतनलाल पाण्डेय को उधार में रकम दिलाता और खुद हज़म कर लिया करता था। पीड़ित रतनलाल पाण्डेय ने घटना की शिकायत कोटा थाना मे दर्ज करायी है। कोटा पुलिस ने जाँच के बाद आईपीसी धारा 420 दर्ज कर ली जो मामला न्यायालय में विचारणीय है।
उधार में रकम देने वाले कर रहे परेशान
रतनलाल पाण्डेय ने बताया कि शातिर वनरक्षक विनय तिवारी ने उन्हें जिन लोगों से उधार में रकम दिलाया था, वे लोग रकम वापस पाने के बाद भी ब्याज की मांग कर रहे है। पीड़ित ने आज इसकी शिकायत बिलासपुर एसपी से की है।

पीड़ित के आरोप अनुसार विनय तिवारी ने अपने साथी अंजना चौकसे निवासी कोटा से उन्नीस लाख/- रु, रवि नामदेव निवासी कोटा से दस लाख/- रु और प्रकाश सोनी निवासी कोटा से छह लाख/-रु सभी से 5% ब्याज में रतनलाल पाण्डेय को उधारी दिलाया था। उस रकम को विनय तिवारी ने ठगी की नीयत से षड्यंत्र रचकर रतनलाल पाण्डेय को ब्याज में उधार दिलाकर खुद हज़म कर लिया है। जिस ब्याज के उधार रकम को रतनलाल पाण्डेय वापस कर चुका है, फिर भी तीनो उधार की रकम में अत्यधिक ब्याज जोड़कर रकम मांग रहे है। पिछले 2 वर्षों से कई बार उनके घर आकर उन्हें जान से मारने की धमकी देकर ब्याज मांग रहे है। रास्ते मे कही भी मिलते है। वहाँ भी रास्ता रोककर जान से मारने की धमकी देते है।
मोबाइल फोन पर धमकी
दिनांक 12/09/2024 को 7067224371 एवं 8109275475 मोबाइल नंबर से रतनलाल पाण्डेय के पास फोन आया जो अपना नाम रवि नामदेव बताते हुए कहने लगा मेरा पैसा मुझे जल्दी से जल्दी दो उसका साथी मोंटी नामदेव माँ बहन की गाली गलौच देने लगा जान से मारने की धमकी दिया है। अंत मे थक हारकर पीड़ित रतनलाल पाण्डेय एसपी कार्यालय पहुचे, जहाँ उन्होंने लिखित शिकायत सौपकर कार्यवाही की मांग की है।



