
प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। गौ सेवा भी एक प्रकार से साक्षात ईश्वर की सेवा और भक्ति करना है। इस बदलते परिवेश में जहां एक ओर लोग गौ सेवा से विमुख होकर पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देते हुए भौतिक सुख संसाधन की तलाश में ही भटक रहे है , वही दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग है जो गौ सेवा की अलख जगाने निरंतर प्रयासरत है और कम संसाधनों के बावजूद भी बखूबी गौ सेवा के कार्य में जुटे हुए है और अगर इरादे नेक व बुलंद हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किलें आसान हो जाती हैं ।

ऐसे ही एक गौ सेवा की अनुकरणीय मिसाल गौ सेवा धाम बेलतरा ने पेश की है। जिन्होंने कम संसाधनों के बावजूद अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गहरे कुएं में गिरे बैल (नंदी) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसके प्राणों की रक्षा की है।

दरअसल बेलतरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जाली कांटीपारा के खुले कुएं में सुबह सुबह अचानक एक बैल गिर गया, कुएं में गिरने के बाद बैल काफी छटपटाने लगा था, जिसकी सूचना ग्राम सरपंच धर्मेंद्र मरावी को वहां के आसपास रहने वाले लोगो से मिली, जिस पर उन्होंने मोहल्लेवासियों के साथ मिलकर बैल को सुरक्षित बाहर निकालने की ठानी। जिसके बाद सरपंच धर्मेंद्र मरावी ने पशु चिकित्सा अधिकारी बीपी कौशिक व सहयोगी कमलेश एवं बरभाठा निवासी विकास यादव के साथ कुएं में गिरे बैल को निकालने रेस्क्यू टीम बनाया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
चूंकि कुंआ काफी गहरा था, उसमे पानी भी भरा हुआ था और बैल भी काफी वजनी, जिसे सामान्य तरीके से निकाल पाना बड़े मुश्किल का काम था लेकिन इन लोगो ने हार नहीं मानी, पानी में डरे सहमे हड़बड़ा रहे बैल को निकालने आखिर कांटीपारा गांव के ही नवयुवक युवराज सिंह मरावी (मोनू) और हितेश कोल ने अपनी सुरक्षा की परवाह ना करते हुए कुएं में उतरकर बैल को रस्सी से बांधा और धीरे – धीरे गांव के ही कुछ अन्य युवक जिनमे नीतीश चतुर्वेदी, हरीश चतुर्वेदी, आनंद कुमार कोल टीकाराम, बबला, लक्ष्मी गोड सहित अन्य ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गौ वंश के सुरक्षित बाहर निकलने से ग्रामीणों की खुशी देखते ही बन रही थी। इस दौरान सभी ने हमेशा गौ सेवा करते रहने का संकल्प भी लिया, जो अन्य लोगो के लिए अनुकरणीय पहल भी है।



