‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर सजेगा छत्तीसगढ़! राज्योत्सव में आसमान पर सारंग का शौर्य, जमीन पर विकास का प्रदर्शन
1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर के ग्राम तूता में तीन दिवसीय महोत्सव; स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टरों का एयर शो, लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां और 40 राज्य स्तरीय अलंकरण होंगे प्रमुख आकर्षण

रायपुर | प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क
छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के गौरवशाली अवसर पर एक बार फिर विकास, संस्कृति, स्वदेशी तकनीक और जनभागीदारी के रंगों से सजने जा रहा है। 1 से 3 नवंबर 2026 तक नवा रायपुर के ग्राम तूता स्थित मेला मैदान में राज्योत्सव का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। तीन दिवसीय महोत्सव में जहां सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनियां लगेंगी, वहीं छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम का एयर शो आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। इसके साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘विकसित भारत’ और ‘अंजोर छत्तीसगढ़’ जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आयोजन का उद्देश्य राज्य की उपलब्धियों को सामने रखने के साथ महिला सशक्तीकरण, युवा आकांक्षाओं और विकास की संभावनाओं को प्रमुखता देना है।
आसमान में सारंग का शौर्य, स्वदेशी ‘ध्रुव’ से दिखेगा उड़ान कौशल
राज्योत्सव के प्रमुख आकर्षणों में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम का हवाई प्रदर्शन शामिल है। टीम 26 अक्टूबर को रायपुर पहुंची थी। स्वदेश में विकसित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ (एएलएच) से उड़ान भरने वाली सारंग टीम सटीक उड़ान, समन्वित संरचनाओं और रोमांचक हवाई करतबों के लिए जानी जाती है।
नवा रायपुर के सेंध झील क्षेत्र में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान दर्शकों को हेलीकॉप्टरों के सामूहिक उड़ान कौशल और पायलटों के बीच अद्भुत तालमेल देखने का अवसर मिलेगा। मोर से प्रेरित विशिष्ट रंग-सज्जा वाली यह टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन करती है।
राज्योत्सव से पहले सारंग दल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट कर चुका है। टीम की गतिविधियों में स्कूली विद्यार्थियों के साथ संवाद भी शामिल रहा, जिसमें युवाओं को भारतीय वायुसेना में करियर और विमानन क्षेत्र की संभावनाओं से परिचित कराने पर जोर दिया गया।
‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’—थीम के केंद्र में महिला शक्ति और युवा आकांक्षाएं
इस वर्ष की थीम केवल समारोह की सजावट तक सीमित न रहे, बल्कि महिला सशक्तीकरण और युवाओं के अवसरों को समझने का माध्यम भी बने—यही इसकी सार्थकता होगी। सरकारी योजनाओं, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और शिक्षा से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने में विकास प्रदर्शनियों की महत्वपूर्ण भूमिका रह सकती है।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के जरिए निवेश और कारोबार के अनुकूल वातावरण, ‘विकसित भारत’ के जरिए व्यापक विकास लक्ष्य तथा ‘अंजोर छत्तीसगढ़’ के माध्यम से राज्य की प्रगति और संभावनाओं को सामने रखने की तैयारी है।
तूता के मुख्य आयोजन से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्योत्सव की गूंज
मुख्य समारोह नवा रायपुर के ग्राम तूता स्थित मेला मैदान में होगा। इसके अतिरिक्त, उपलब्ध आयोजन विवरण के अनुसार, 2 नवंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय विशेष राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस व्यवस्था से राज्य स्थापना दिवस का उत्सव राजधानी और मुख्य आयोजन स्थल तक सीमित न रहकर जिलों में भी पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं की जानकारी और जनभागीदारी के जरिए नागरिकों को आयोजन से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
तीन दिन रोशनी से जगमगाएंगे सरकारी भवन
राज्योत्सव के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक प्रदेश के सरकारी भवनों को विशेष रूप से रोशन किए जाने की जानकारी दी गई है। स्थापना दिवस के इस उत्सव में रोशनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विकास प्रदर्शनियां माहौल को उत्सवी रूप देंगी।
हालांकि, ऐसे आयोजनों की वास्तविक उपयोगिता केवल भव्य सजावट से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली जानकारी, सुविधाओं और योजनाओं के लाभ तक उनकी पहुंच से भी आंकी जानी चाहिए।
लोक संस्कृति से राज्य की पहचान, 40 अलंकरणों से उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाएंगी। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध विरासत को मंच मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को 40 राज्य स्तरीय अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। ऐसे सम्मान समाज, संस्कृति, जनसेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को पहचान देने का माध्यम बन सकते हैं।
प्रचंड प्रहार की बात: भव्यता के साथ जवाबदेही भी जरूरी
राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की स्थापना, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं का उत्सव है। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ जैसी थीम तभी सार्थक होगी, जब महिला सशक्तीकरण और युवा विकास से जुड़े संकल्प जमीन पर ठोस अवसरों में बदलें। विकास प्रदर्शनियां तभी प्रभावी होंगी, जब आम नागरिक योजनाओं की जानकारी लेकर उनका वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकें।
सारंग की उड़ान रोमांच और राष्ट्रगौरव का संदेश देगी, जबकि लोक संस्कृति राज्य की पहचान को जीवंत करेगी। लेकिन आयोजन की सफलता का आकलन केवल मंच, रोशनी और हवाई करतबों से नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की गुणवत्ता, नागरिक सुविधाओं, पारदर्शिता और जनहित से भी होना चाहिए।
राज्योत्सव का संदेश स्पष्ट होना चाहिए—छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव भी हो और आने वाले कल के लिए जवाबदेही का संकल्प भी।



