October 28, 2026 |
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वोटर लिस्ट पर कांग्रेस का वार, चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग; बूथ स्तर पर ताकत बढ़ाने की कवायद तेज

बिलासपुर में AICC पर्यवेक्षक नवज्योति पटनायक की BLA बैठक, SIR पर उठाए सवाल; 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन के लिए जुटने का आह्वान

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक नवज्योति पटनायक ने बिलासपुर में बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की विस्तारित बैठक लेकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाए। बैठक में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ आगामी आंदोलन की तैयारियों पर भी जोर दिया गया।

कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में पटनायक ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, हटाए गए नामों की पुनः जांच कर पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और कथित तौर पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के जरिए चुनाव जीतने वालों से इस्तीफे की मांग की। ये आंकड़े और आरोप कांग्रेस की ओर से रखे गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

SIR पर सवाल, चुनाव आयोग से जवाब की मांग

पटनायक ने कहा कि राहुल गांधी महाराष्ट्र, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के मुताबिक चुनाव आयोग और सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को कांग्रेस की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के मामले में गंभीर सवाल हैं। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े दावों की निष्पक्ष जांच, हटाए गए नामों का सत्यापन और संबंधित संस्थाओं की ओर से तथ्यात्मक स्पष्टीकरण इस बहस के अहम पहलू हैं।

बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर

नवज्योति पटनायक के छत्तीसगढ़ दौरे के पहले दिन हुई बैठक में बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के ब्लॉक अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों और विभिन्न बूथों के BLA ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य बूथ स्तर पर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाना और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कार्यकर्ताओं की भूमिका तय करना रहा।

पटनायक ने कांग्रेसजनों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने आंदोलन में भागीदारी और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी विजय जांगिड़, बिलासपुर शहर प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी, ग्रामीण प्रभारी सीमा वर्मा, विधायक एवं पूर्व विधायक सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, दिलीप लहरिया, अटल श्रीवास्तव, इनग्रिड मैकलोड़, सियाराम कौशिक, शैलेश पांडे, विजय केसरवानी, विजय पांडे, नरेंद्र बॉलर, रविंद्र सिंह, रामशरण यादव, राजेश पांडे, प्रमोद नायक, आशीष सिंह ठाकुर सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

प्रचंड प्रहार: सवाल सिर्फ आरोपों का नहीं, पारदर्शिता का भी है

मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसलिए उससे जुड़े किसी भी बड़े दावे पर राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर तथ्य, आधिकारिक आंकड़े और पारदर्शी प्रक्रिया सामने आना जरूरी है। कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं; अब इन दावों की तथ्यात्मक जांच और चुनाव आयोग का स्पष्ट पक्ष इस बहस को विश्वसनीय दिशा दे सकता है।

आखिर कितने नाम हटाए गए, किन कारणों से हटाए गए और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई? इन सवालों का जवाब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि प्रमाणित आंकड़ों और जवाबदेही से ही मिलना चाहिए। लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है—और उसकी रक्षा के लिए हर संबंधित संस्था की पारदर्शिता जरूरी है।

Prachand Prahar

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