थाना, ऑफिस या हो सरकारी अस्पताल, हर तरफ फैला रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का मायाजाल, रात भर थाने में बैठाया, 4 हजार रिश्वत लेकर छोड़ दिए ? वायरल वीडियो की क्या है हकीकत ?

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। आजादी का अमृतकाल चल रहा है, देश को स्वतंत्र हुए इतने बरस बीत गए, इस दौरान देश की उन्नति और विकास के लिए लगातार काम भी किए जा रहे है। लेकिन आमजनमानस के बीच आज भी एक समस्या रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की ऐसी है जो आज भी जस की तस बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या के समाधान पर कभी बात नहीं हुई या फिर सरकारों ने इसके लिए सख्ती भरे कदम नहीं उठाए, लेकिन फिर भी जिस तरह से हर बार ये परेशानी अपना सिर उठा लेती है इससे यह तो तय है कि अब तक हुए हर समाधान इसे खत्म करने के लिए नाकाफी हैं और ये समस्या इतने सालों से देश को लगातार खोखला ही कर रही है, सबसे बड़ी बात यह है कि कहीं न कहीं, आपका या आपके परिवार का इससे जरूर सामना होता आया होगा।

सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी की समस्या अब आम बात जैसे प्रतीत हो रही है इनमें चाहे वह थाना, ऑफिस या सरकारी अस्पताल हो हर जगह आम आदमी को रिश्वत और भ्रष्टाचार का राक्षस नोच रहा है। कभी कहीं पुल टूटता है. कभी कहीं सडक टूटती है. बाद में पता चलता है कि सरकारी भ्रष्टाचार जिम्मेदार था। जन्म प्रमाण पत्र से लेकर घर की रजिस्ट्री करानी हो या मृत्यु प्रमाण पत्र लेना हो, आज भी सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोर बाबू, कर्मचारी, अधिकारी आपके काम पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं।
वायरल वीडियो – प्रचंड प्रहार न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है।
चार हजार रुपये लेकर छोड़ दिए ?
खुल्लेआम रिश्वतखोरी को अंजाम देने वाले चंद पुलिसकर्मियों के कारण आज पूरा पुलिस महकमा बदनामी की मार झेल रहा है। हाल ही में सिविल लाइन थाना में पदस्थ महिला एएसआई संतरा चौहान चालान पेश करने के नाम से पाँच हजार रूपये रिश्वत मांगते न की कैमरे में कैद हुई है बल्कि उन्हें एसपी रजनेश सिह के द्वारा तात्कालिक कार्यवाही करते हुए लाइन अटैच भी कर दिया गया है। जो मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है कि एक नया मामला एसपी रजनेश सिह के लिए चुनौती बन गया है। सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिस वीडियो में दिख रहा युवक अपने आप को मंगला निवासी बता रहा है और बोल रहा है कि दिवाली रात को पति पत्नी के बीच लड़ाई के कारण उन लोगों को थाना में रात भर बैठाया गया और सुबह उसे उसके पापा से चार हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया। युवक के साथियों से भी पाँच -पाँच हजार रूपये रिश्वत लिया गया है।
युवक के परिजन से किस बात का रिश्वत लिया गया
ज्ञातव्य हो कि बिना किसी जुर्म के किसी ब्यक्ति को रात भर थाना में बैठाना पुलिस रेगुलेशन ऐक्ट का उल्लंघन है जाँच पड़ताल के लिए अगर किसी को पुलिस थाना बुलाती है तो पूछताछ करके एक समयावधि में उन्हें छोड़ना होता है। लेकिन यहाँ तो वायरल वीडियो में अगर युवक की आप बीती सही है तो इस युवक के परिजन से किस बात का रिश्वत लिया गया। अगर युवक ने कोई अपराध किया था तो उसे पुलिस ने क्यो छोड़ा। दोनों ही सीरत में दिवाली की रात सिविल लाइन थाना का कार्यभार सम्हालने वाले वे पुलिसकर्मी जिसने वायरल वीडियो में दिख रहे युवक के परिजन से रिश्वत ली है। वे पुलिसकर्मी पुलिस रेगुलेशन ऐक्ट के विरुद्ध कार्य किये है उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसपी रजनेश सिह को तात्कालिक जाँच करानी चाहिए।
टी आई राहुल तिवारी पर हो चुकी है कार्यवाही
रात भर थाना में बैठाकर दो पक्षों को बिना किसी अपराध दर्ज किये छोड़ना सिरगिट्टी थाना में पदस्थापना के दौरान निरीक्षक राहुल तिवारी को भी भारी पड़ा था। वे आज भी विभागीय जाँच में उलझे हुए है उन पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विभागीय जाँच कार्यवाही की गई है जिस पर जाँच लंबित है।

सीसीटीवी जाँच होने से मामले की असलियत आएगी सामने
सिविल लाइन थाना में लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच होगी तो इस दिवाली की रात इस युवक को थाना कब लाया गया, कब छोड़ा गया और क्यों छोड़ा गया? सब कुछ आ जाएगा सामने ।
🔥सुलगते सवाल🔥
🔥रात भर थाना में बैठाकर 4 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ दिए ? रिश्वतकांड का नया वीडियो आया सामने, क्या सिविल लाइन थाना में चल रहा है रिश्वतखोरी का खेल ?
🔥पुलिस रेगुलेशन एक्ट के उलंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या एसपी करेंगे कड़ी कार्यवाही ?
