
प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर।
राज्य शासन के निर्देश के बाद बिलासपुर पुलिस ने अवैध अप्रवासियों, बांग्लादेशी घुसपैठियों तथा बिना वैध दस्तावेजों के अनधिकृत रूप से निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत पुलिस ने जिले के विभिन्न इलाकों में जांच और छापामार कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना सिरगिट्टी क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक इन व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने तक उन्हें वहां रखा गया है। इसका मतलब यह है कि संबंधित व्यक्तियों की नागरिकता अथवा बांग्लादेशी होने की अंतिम पुष्टि की प्रक्रिया दस्तावेजी सत्यापन के आधार पर आगे बढ़ेगी।
सात निरीक्षकों को शामिल कर बनाई गई विशेष टास्क फोर्स
राज्य शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) श्रीमती रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया। टीम में सात निरीक्षकों को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और आवश्यक सत्यापन के निर्देश दिए गए। इसके बाद जिलेभर में सघन चेकिंग एवं जांच अभियान शुरू किया गया।
बिलासपुर से लेकर मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक जांच का नेटवर्क
पुलिस की जांच केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं रही। विशेष टास्क फोर्स ने संदिग्ध व्यक्तियों के मूल निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर क्षेत्रों का भी दौरा किया। विशेष टीम ने वहां के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से मुलाकात कर बिलासपुर में निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज साझा किए। पुलिस के अनुसार संबंधित अधिकारियों से आवश्यक सहयोग प्राप्त हुआ और संदिग्ध व्यक्तियों की पृष्ठभूमि से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी जुटाई गई। टीम ने मुर्शिदाबाद और जंगीपुर के अलावा संबंधित थाना क्षेत्रों में जाकर स्थानीय पुलिस से भी जानकारी एकत्र की। इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों से बांग्लादेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश और उनके ठहरने से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में भी पुलिस को महत्वपूर्ण तथ्य मिलने की बात कही गई है।
23 संदिग्धों को भेजा गया होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर
प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उनकी पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक की गई है। ऐसे में इस कार्रवाई को दस्तावेजी सत्यापन की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है और संबंधित व्यक्तियों की स्थिति का अंतिम निर्धारण जांच के परिणामों के आधार पर होगा।
सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों अथवा बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत व्यक्तियों के संबंध में जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास अथवा दस्तावेजों को लेकर संदेह हो या उसके द्वारा किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि किए जाने की जानकारी हो, तो इसकी सूचना उक्त नंबर पर दी जा सकती है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार इस अभियान से पहले भी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।
थाना तोरवा क्षेत्र में अवैध रूप से निवासरत बताए गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर, निवासी शाहपुर, आरापाड़ा, नौवापाड़ा, पुलिस स्टेशन कोतवाली, जिला जशोर (बांग्लादेश) की पहचान किए जाने के बाद उसके विरुद्ध 12 जुलाई 2025 को बांग्लादेश निर्वासन (Quit India) की कार्रवाई की गई थी।
इसी तरह थाना तोरवा में 17 मार्च 2025 को बांग्लादेश की एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में आरोपी हृदय कुमार शर्मा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 122/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद बांग्लादेश Deportation की कार्रवाई किए जाने तक उसे रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
अभियान लगातार जारी रखने का दावा
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस पूरी कार्रवाई में फिलहाल पहचान, दस्तावेजों और मूल निवास के सत्यापन को प्रमुख आधार बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित राज्यों की पुलिस से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



