एनटीपीसी सीपत में बड़ा हादसा या लापरवाही ? मेंटेनेंस के दौरान प्लेटफॉर्म गिरा, जिम्मेदार कौन ? सुरक्षा व्यवस्था पर लगा प्रश्नचिन्ह ? क्या होगी निष्पक्ष जांच – पड़ताल और उचित कार्रवाई ?

प्रचंड प्रहार न्यूज/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित औद्योगिक इकाई एनटीपीसी सीपत प्लांट में बुधवार को हुए गंभीर हादसा या कहे लापरवाही ने एक बार फिर इस औद्योगिक इकाई की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया हैं। आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे घटित हो गई, क्या सुरक्षा मानकों एवं उपायों में कमी के चलते यह भीषण दुर्घटना घटित हुई ? इसका जिम्मेदार कौन है ? इस पर विस्तृत जांच की आवश्यकता है । ताकि भविष्य में ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।

विदित हो कि एनटीपीसी सीपत के यूनिट 5 के ओवरहाउलिंग के दौरान मेसर्स गोरखपुर कन्स्ट्रकशन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत संविदा श्रमिकों के द्वारा प्लेटफॉर्म पर कार्य करने के दौरान प्लेटफॉर्म के गिरने से 5 संविदा श्रमिक घायल हो गए। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। जिनमें से 3 घायलों को सीपत स्टेशन के अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उन्हें इलाज के उपरांत अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। घायल प्रताप सिंह का इलाज अपोलो अस्पताल में चल रहा है । इस ईलाज में होने वाले संपूर्ण व्यय का वहन सीपत स्टेशन द्वारा किया जाएगा। वहीं एक और गंभीर रूप से घायल श्याम कुमार को सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां उसे सिम्स प्राधिकारी द्वारा मृत घोषित किया गया।

जानकारी अनुसार यह घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। सीपत स्टेशन के यूनिट-5 में मेंटेनेंस का काम चल रहा था। तभी भारी-भरकम लोहे की संरचना (प्लेटफॉर्म) टूटकर नीचे गिर पड़ी, जिससे पांच मजदूर चपेट में आ गए। एनटीपीसी प्रबंधन ने शुरू में सिर्फ एक मौत की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि मौत की संख्या बढ़ सकती है। हादसे की विस्तृत जांच अभी जारी है।
21 मीटर की ऊंचाई पर चल रहा था काम
जानकारी अनुसार यह हादसा एनटीपीसी के बॉयलर मेंटेनेंस डिपार्टमेंट में हुआ है। इस दौरान लगभग 60 टन वजनी प्लेटफार्म गिरने से मजदूर दब गए । इस 21 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे 7 मजदूरों में से 2 मजदूर जाली और प्लेट समेत नीचे गिर गए थे। जिसमें एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे मजदूर को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में रेफर किया गया।

रोते-बिलखते परिजनों की प्रबंधन ने नहीं सुनी फरियाद
घटना के बाद मृतक और घायलों के परिजनों के साथ आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में एनटीपीसी प्लांट के बाहर जमा हो गए । प्रबंधन ने परिजनों के अलावा मीडिया को भी प्लांट के अंदर दुर्घटनास्थल तक जाने नहीं दिया, जिसके बाद लोग गेट के बाहर ही प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान रोते-बिलखते परिजन प्रबंधन से जवाब मांगते रहे, घायलों से मिलने गुहार लगाते रहे। लेकिन प्रबंधन ने इनकी एक नहीं सुनी। परिजनों का आरोप था कि एनटीपीसी प्रबंधन स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा और किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त बल भी बुलाया गया था।
घटित दुर्घटना में हुए दिवंगत के आश्रित को मिलेगा मुआवजा
जिला प्रशासन व जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिवंगत के आश्रितों को सीपत तथा ठेकेदार के द्वारा 5-5 लाख रुपये मुआवजा के तौर पर दिये जायेंगे तथा ईएसआई के तहत मिलने वाली सारी सुविधाए प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त संविदा पर अकुशल या अर्धकुशल श्रेणी में उनकी पत्नी को रोजगार दिया जाएगा| मृतक के अंतिम संस्कार हेतु उनके परिजनों को ठेकेदार द्वारा तत्काल रुपये 50,000/- नकद दिया गया।
सीपत प्रबंधन दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हैगांवों तथा उनके आश्रितों को हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रवीण रंजन भारती
जन संपर्क अधिकारी
एनटीपीसी सीपत



