
गरियाबंद। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों के साथ ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार हो गया है। आरोपी कार्यपालन अभियंता कुलेश्वर साहू वर्तमान में बलौदा बाजार जिले में पदस्थ है। आरोपी ठग ने फर्जी भर्ती का खेल शुरू कर कई बेरोजगारों को अपने जाल में फंसा चुका था. लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर फर्जीवाड़ा उजागर किया है, मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पदस्थ विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कुलेश्वर साहू पर गरियाबंद में पदस्थापना के दौरान बेरोजगारों को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके ऊपर कई लोगों से नौकरी पर लगवाने के नाम पर 60 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है। यही नहीं उसने कई लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। खुलासा होने के बाद लोगों ने उससे पैसे वापिस मांगे, लेकिन तब तक आरोपी अभियंता रुपए को ऑनलाइन जुए में हार चुके थे।
आरोपी अफसर ने जाली नियुक्त पत्र भी थमा दिया
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने पाण्डुका थाना क्षेत्र में रहने वाले महेंद्र साहू से उनके कई रिश्तेदारों को नौकरी लगाने के नाम पर 60 लाख रुपए ठगी की। पिछले 3 साल से चल रहे इस खेल में रकम के बदले में आरोपी अफसर ने जाली नियुक्त पत्र भी थमा दिया। नियुक्ति पत्र लेकर दफ्तर जाने पर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। जब पीड़ितों ने रकम वापस मांगे तो कार्यपालन अभियंता आनाकानी करने लगा। रकम वापसी के लिए रिश्तेदार चक्कर लगाते रहे लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। पैसे ना लौटाने पर पीड़ित महेंद्र साहू ने 14 मई को पाण्डुका थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
ठगी की रकम सट्टा में हार गया
इसके बाद पुलिस ने आरोपी अभियंता कुलेश्वर साहू के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2 ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना करने के बाद आरोपी अभियंता को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया गया। जिसके बाद न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि आरोपी को ऑन लाइन सट्टा खेलने का लत लग चुका था। उसने ठगी की रकम सट्टा में हार गया। यही नहीं वेतन का भी पैसा हार गया है। इसलिए वापस नहीं कर पा रहा था। आरोपी अफसर के पास से पुलिस ने उसके बलौदा बाजार निवास से 40 हजार नगद, लैपटॉप प्रिंटर और बोलेरा वाहन जप्त किया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगा रही है कि पाण्डुका के अलावा ठगी के शिकार और कितने लोग हुए।



