April 19, 2026 |
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मामा भांजा तालाब को भी अवैध कब्जों से बचाए प्रशासन – डॉ. उज्वला

सरकार के लिए कोई नियम कानून नहीं है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी प्राकृतिक धरोहरों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन का ध्यान अन्य जगहों पर जाता है, मामा भांजा तालाब पर नहीं

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। गोकने नाले पर अवैध कब्जों को लेकर सोमवार को समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए हैं कि दो दिन के भीतर सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। कलेक्टर ने हाल ही में नाले का दौरा किया था और अवैध कब्जों को देखा था, जिससे वे काफी नाराज हुए थे।

कलेक्टर के इस कदम को शहर के नागरिकों ने सराहा है, लेकिन इसके साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. उज्वला कराड़े ने एक बयान जारी करते हुए राज्य सरकार को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि भू माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और सरकार के लोग ही जगह-जगह जमीन पर अवैध कब्जे कर रहे हैं।

डॉ. कराड़े ने कहा, “सरकार के लिए कोई नियम कानून नहीं है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी प्राकृतिक धरोहरों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन का ध्यान अन्य जगहों पर जाता है, मामा भांजा तालाब पर नहीं। मामा भांचा तालाब पर अवैध कब्जे से पूरा तालाब पट गया है। भू माफियाओं ने पूरे तालाब को अपने कब्जे में लेकर उसे घेर लिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इतना ही नहीं, शहर में और भी ऐसे स्थान हैं जहां पर माफियाओं ने अवैध कब्जा किया हुआ है। लेकिन सरकार और प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। केवल खानापूर्ति की कार्यवाही की जा रही है।”

Prachand Prahar

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