October 23, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

अनुशासन की कदमताल, संगठन की ताकत! संजीवनी प्रभात शाखा का पथ संचलन संपन्नअरपा में बढ़ सकता है जलस्तर, विसर्जन में लापरवाही पड़ सकती है भारी!माता के दरबार में जात-पात नहीं, सिर्फ भक्तों की पहचान! त्रिलोक चंद्र श्रीवास का सामाजिक समरसता का संदेशपत्नी के सम्मान और संघर्ष की कहानी, अशोक व्यास की 15वीं पुस्तक ‘एक पत्नी पर पुस्तक क्यों?’ का विमोचनगौवंश के पेट में पन्नी, नालियों में प्लास्टिक, पानी में जहर का खतरा! प्रतिबंध के बावजूद लगाम कहां?महामाया के दरबार में भूपेश बघेल की आस्था, बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं का आत्मीय स्वागत; सियाराम कौशिक से मुलाकात और मस्तूरी में जागरण में हुए शामिलआस्था की ध्वज यात्रा या राजनीतिक संदेश? अंकित गौरहा ने विधायक सुशांत शुक्ला से मांगा जवाबअपोलो से जुड़ी मेडिकल कचरा जलाने की शिकायतों ने बढ़ाई चिंता, लिंगियाडीह के रहवासी परेशानअवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन की सख्ती: 10 वाहन जब्त, एक मामले में 3 साल का कठोर कारावासगरबा के मंच पर ‘लॉलीपॉप लागेलु’! पंखीड़ा पर बवाल, आस्था के नाम पर आखिर चल क्या रहा है?
क्राइम

नशे पर ‘प्रहार’ तेज, अब नेटवर्क की बारी! शराब की खेप पकड़ी जा रही, सप्लाई की जड़ कब कटेगी?

कोटा में 133 लीटर, सीपत में 12 और गोबरिपाठ में 19 लीटर महुआ शराब जब्त—चकरभाठा में अड्डेबाजी-नशाखोरी पर कार्रवाई; सवाल यह नहीं कि कितनी शराब पकड़ी, सवाल यह कि इसके पीछे की पूरी कड़ी कितनी दूर तक पहुंची?

बिलासपुर। प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क।

बिलासपुर जिले में अवैध शराब, नशाखोरी और उससे जुड़े अपराधों के खिलाफ पुलिस का ‘प्रहार’ और ‘चेतना’ अभियान लगातार कार्रवाई का रूप ले रहा है। 6 अक्टूबर को जारी अलग-अलग पुलिस प्रेस विज्ञप्तियों के मुताबिक कोटा, सीपत और चकरभाठा थाना क्षेत्रों में अवैध शराब की बरामदगी, गिरफ्तारी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

चार अलग-अलग शराब मामलों में पुलिस द्वारा बताई गई बरामदगी को जोड़ें तो कुल 164 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई है। कार्रवाई निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सार्वजनिक सवाल भी सामने आता है—क्या कार्रवाई शराब की खेप और उसके कब्जाधारक तक सीमित रहेगी, या जांच उस पूरी कड़ी तक पहुंचेगी जहां से शराब तैयार होकर बाजार अथवा उपभोक्ता तक पहुंचती है?

SSP का विजन स्पष्ट—सिर्फ ‘सप्लायर’ नहीं, पूरी कड़ी की तलाश

एसएसपी रजनेश सिंह ने बिलासपुर में पदभार संभालने के समय ही नशाखोरी और अपराध के खिलाफ सख्त रुख की बात कही थी। बाद में पुलिस के ‘चेतना’ अभियान में नशे के खिलाफ सामाजिक और पुलिस कार्रवाई को प्रमुखता दी गई।
जुलाई 2026 में प्रेस क्लब के कार्यक्रम में भी SSP ने नशे के कारोबार और उससे जुड़े अपराधों पर नियंत्रण को पुलिस की प्राथमिकता बताया था।
और इससे भी आगे, बिलासपुर रेंज में आयोजित NDPS विवेचना कार्यशाला में End-to-End Investigation की अवधारणा पर जोर दिया गया—यानी जांच केवल जब्ती और आरोपी की गिरफ्तारी पर खत्म न हो, बल्कि नशीले पदार्थ के Source से Destination तक पूरी कड़ी जोड़ी जाए, ताकि नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। यही नीति अब अवैध महुआ शराब के मामलों में भी असली कसौटी बनती दिखाई दे रही है।

कोटा में 133 लीटर—दो अलग कार्रवाइयां

कोटा पुलिस के अनुसार गनियारी के बांधा तालाब के पास कार्रवाई में विरेन्द्र वर्मा (34) के कब्जे और झोपड़ी से 113 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 22,600 रुपये बताई गई है।

दूसरी कार्रवाई में बिल्लीबंद से नवागांव की ओर मोटरसाइकिल से शराब परिवहन की सूचना पर बृजभूषण उर्फ मुकेश कुमार जगत (30) को पकड़े जाने की जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से मोटरसाइकिल सहित 20 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। दोनों मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

सीपत में 12 और गोबरिपाठ में 19 लीटर

सीपत पुलिस ने ग्राम जेवरा में पंचराम नेताम (56) के कब्जे से 12 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई।

इसी दिन कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम गोबरिपाठ में ललिता जांगड़े (40) के कब्जे से 19 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद किए जाने की जानकारी दी गई।

इन चार कार्रवाइयों में पुलिस प्रेस विज्ञप्तियों के अनुसार कुल 164 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त हुई।

अड्डेबाजी और नशाखोरी पर भी शिकंजा

चकरभाठा पुलिस ने क्षेत्र में अशांति, अड्डेबाजी और नशाखोरी के खिलाफ चार लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया और जेल भेजा गया।

कोटा पुलिस ने एक अन्य मामले में आकाश तिवारी (35) के खिलाफ तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की जानकारी दी है। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शिकायतों में घर में घुसकर कथित गाली-गलौच, धमकी, धक्का-मुक्की, रास्ता रोकने, मारपीट और वाहन की चाबी छीनने जैसे आरोप शामिल हैं।

इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

164 लीटर के बाद अगला सवाल—जांच कितनी दूर जाएगी?

यहां मुद्दा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि कार्रवाई के अगले चरण को देखना है। अगर अवैध शराब बरामद हुई है तो स्वाभाविक जांच के सवाल हैं—

यह शराब तैयार कहां हुई?

कच्चा माल कहां से आया?

इसे किसने उपलब्ध कराया?

परिवहन और वितरण की कड़ी क्या है?

क्या इन मामलों के बीच कोई आपसी लिंक सामने आता है?

और सबसे महत्वपूर्ण—

क्या गिरफ्तार आरोपियों से आगे जाकर सप्लाई के स्रोत और संभावित नेटवर्क की जांच की गई?

यह कहना उचित नहीं होगा कि इन मामलों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क निश्चित रूप से मौजूद है। लेकिन लगातार अलग-अलग स्थानों से अवैध शराब की बरामदगी के बीच यह जांच का वैधानिक और तार्किक विषय जरूर है कि इसके पीछे कोई व्यापक सप्लाई कड़ी है या नहीं।

बरामदगी सफलता है, नेटवर्क की कड़ी तक पहुंचना बड़ी सफलता होगी

पुलिस की कार्रवाई का पहला चरण है—बरामदगी और गिरफ्तारी।

लेकिन End-to-End जांच का मतलब इससे आगे जाना है। रेंज स्तर की कार्यशाला में भी विवेचना को केवल जब्ती तक सीमित न रखकर स्रोत से गंतव्य तक पूरी कड़ी जोड़ने पर जोर दिया गया है।

इसलिए इन कार्रवाइयों की असली प्रभावशीलता का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि कितने लीटर शराब पकड़ी गई, बल्कि इस आधार पर भी होना चाहिए कि जांच आगे बढ़ने पर सप्लाई के स्रोत, परिवहन, वितरण और वित्तीय कड़ी के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।

प्रचंड प्रहार का सवाल

यह सवाल किसी आरोपी को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि पुलिस की घोषित End-to-End जांच की कसौटी पर कार्रवाई के अगले चरण को देखने का है।

अगर कोई आरोपी केवल अंतिम स्तर पर शराब बेचते या ले जाते पकड़ा गया है, तो उसके बाद की विवेचना यह तय करेगी कि मामला वहीं खत्म होता है या जांच आगे बढ़कर स्रोत और सप्लाई की कड़ी तक पहुंचती है।

क्योंकि नशे के खिलाफ असली जीत सिर्फ ‘माल’ पकड़ने में नहीं, बल्कि उस माल को बाजार तक पहुंचाने वाली पूरी कड़ी को तोड़ने में होगी।

अब नजर इस पर होगी—164 लीटर की बरामदगी के बाद End-to-End जांच कहां तक पहुंचती है?

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क
खबर वही, जो असर करे।

कानूनी नोट: यह रिपोर्ट संबंधित पुलिस प्रेस विज्ञप्तियों और उपलब्ध सार्वजनिक समाचार-संदर्भों पर आधारित है। इसमें किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। सभी आरोप/अपराध संबंधी विवरण पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण और उनके पक्ष से जारी जानकारी के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close