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छत्तीसगढ़बिलासपुर

टीकाकरण के बाद दो मासूमों की मौत, डॉ उज्वला ने सरकार की व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

प्रचंड प्रहार/बिलासपुर। टीकाकरण के बाद दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने कोटा क्षेत्र के पटैता कोरीपारा में हड़कंप मचा दिया है। घटना के अनुसार, मृतक बच्चों की उम्र मात्र 2 माह और 3 दिन थी। उन्हें बीसीजी और पेंटा वन का टीका लगाया गया था, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और अंततः उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं।

यह घटना तब सामने आई जब 7 बच्चों को टीकाकरण के लिए पटैता कोरीपारा में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। टीका लगने के बाद उनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर हो गई, जिसके चलते उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। अन्य 5 बच्चों को भी ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। परिजनों का आरोप है कि टीका लगाने के बाद बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

इस घटना पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. उज्वला कराड़े ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस दुखद हादसे की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है। डॉ. कराड़े ने कहा, “यह एक संवेदनशील मामला है और इसकी गहन जाँच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।”

उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं। “सरकार को अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को दुरुस्त करने की ज़रूरत है। मासूम बच्चों की जान चली गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?” डॉ. कराड़े ने कहा इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली सेवाओं पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Prachand Prahar

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