October 23, 2026 |
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वोटर लिस्ट पर घमासान: इंडिया गठबंधन का चुनाव आयोग पर प्रहार, 7 अक्टूबर को संयुक्त प्रेसवार्ता

SIR को लेकर विपक्ष का बड़ा आरोप—‘वैध मतदाताओं के नाम काटे गए’; CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तारी की मांग, अब 7 अक्टूबर को खुलेगा मोर्चा

बिलासपुर। प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क।

वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में जारी टकराव अब बिलासपुर तक पहुंच गया है। कांग्रेस भवन में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की महत्वपूर्ण बैठक में SIR (Special Intensive Revision) और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में कांग्रेस, CPI, CPM, CPI(ML), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), समाजवादी पार्टी सहित गठबंधन से जुड़े दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी दलों ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का सवाल उठाते हुए 7 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे संयुक्त पत्रकारवार्ता करने का निर्णय लिया।

SIR पर विपक्ष के गंभीर आरोप

बैठक में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सत्यापन की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। गठबंधन ने चुनाव आयोग की IT व्यवस्था के केंद्रीकरण और राज्यों के स्तर पर अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।

विपक्ष का आरोप है कि चुनावी तंत्र का इस्तेमाल सत्तारूढ़ भाजपा को अनुचित राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बैठक के स्तर पर सामने नहीं आई है।

‘लाखों वैध मतदाताओं के नाम काटे गए’—दावा कितना सही?

गठबंधन ने दावा किया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और यह विपक्ष को नुकसान पहुंचाने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है।

यही वह आरोप है जिस पर अब सबसे ज्यादा सवाल उठेंगे—कितने नाम हटे, किन कारणों से हटे, कितने नाम वापस जुड़े और प्रभावित मतदाताओं को दावा-आपत्ति का कितना अवसर मिला?

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर SIR–2026 के तहत मतदाता अपना नाम खोजने, ड्राफ्ट मतदाता सूची डाउनलोड करने, नोटिस का जवाब देने तथा दावा-आपत्ति और अपील जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना

बैठक में इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग का संकल्प लिया।

ECI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

गठबंधन की मांग है कि उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।

लेकिन SIR पर कानूनी तस्वीर भी समझना जरूरी

SIR को लेकर देश में राजनीतिक विवाद जरूर है, लेकिन इसका कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण है। 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में किए गए SIR की वैधता बरकरार रखी थी। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत विशेष पुनरीक्षण करने की शक्ति है। साथ ही प्रक्रिया में नोटिस, सुनवाई, दावे-आपत्तियों और अपील जैसे सुरक्षा उपायों को महत्व दिया गया।

इसलिए बिलासपुर में अब असली सवाल सिर्फ राजनीतिक आरोपों का नहीं, बल्कि उन आरोपों के समर्थन में पेश किए जाने वाले दस्तावेजी प्रमाणों का भी होगा।

7 अक्टूबर को सामने आएगा विपक्ष का रोडमैप

इंडिया गठबंधन की संयुक्त पत्रकारवार्ता में प्रमुख रूप से—

– CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग,

– उनकी गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग,

– उनके कार्यकाल के निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा,

– मतदाता सूची में किए गए बदलावों की जांच,

– SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता,

– कथित रूप से प्रभावित मतदाताओं को न्याय और पुनः शामिल करने की मांग रखी जाएगी।

अब निगाहें 7 अक्टूबर की संयुक्त पत्रकारवार्ता पर हैं। सवाल यह है कि विपक्ष सिर्फ राजनीतिक आरोप लगाएगा या वोटरलिस्ट के आंकड़े, दस्तावेज और प्रभावित मतदाताओं के ठोस प्रमाण भी सामने रखेगा?

क्योंकि लोकतंत्र में मतदाता सूची सिर्फ कागज का रिकॉर्ड नहीं—वोट देने के अधिकार की पहली सीढ़ी है।

अब सवाल जनता का है—वोटर लिस्ट में यदि गड़बड़ी है तो जिम्मेदारी तय कौन करेगा? और यदि आरोप गलत हैं तो चुनाव आयोग इन आरोपों का तथ्यात्मक जवाब कब देगा?

बैठक में उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधियों में सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, शैलेश पांडे, राजेंद्र शुक्ला, नरेंद्र बोलर, पवन शर्मा, सुखोउ निषाद, धनीराम यादव, लल्लन राम, राकेश शर्मा, अभय नारायण राय, गौरव ऐरी, मो. शाहनवाज, संजय चौहान, ब्रह्मदेव सिंह, प्रथमेश मिश्रा, विनय शर्मा, भैरवचंद्र निषाद, धीरज शर्मा, भागवत प्रसाद मेरसा, दुर्गा प्रसाद मेरसा, हरी साहू, पारस राम, महेंद्र रात्र, बबलू मगर, विकास सिंह, राम यादव, कौशिक सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

खबर वही, जो सवाल खड़े करे।

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क, बिलासपुर।

Prachand Prahar

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