मनरेगा भुगतान में गड़बड़ी, शासकीय राशि के बंदरबांट का आरोप, मामले में होगी कार्यवाही? जांच दल ने बनाई रिपोर्ट, ग्रामीणों को फैसले का इंतजार !

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले में स्थित तखतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भिलौनी में सरपंच सीमा लहरें पर मनरेगा इंजीनियर प्रशांत कुर्रे के साथ मिलीभगत कर प्रति सप्ताह 90 मजूदरों के मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी कर 1 लाख 35 हजार रूपये शासकीय राशि के बंदरबांट का गंभीर आरोप लगा है।ग्रामीणों का आरोप है कि प्रति सप्ताह 1 लाख 35 हजार रूपये का अवैध भुगतान निकासी कर सरपंच तथा मनरेगा इंजीनियर के द्वारा भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है।

“जी राम जी”(मनरेगा) के कार्यों में राशि भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की आशंका
वही इस पूरे मामले में कुछ चौंकाने वाले तथ्य निकलकर सामने आए है. दरअसल वे ग्रामीण जो “जी राम जी”(मनरेगा) कार्यों में शामिल नही रहे है। उन ग्रामीणों की भी उपस्थिति डिजिटल हाजरी पंजी में दिखाई गई है. यही नहीं उपस्थिति दर्शाने के अलावा सम्बंधित व्यक्ति के बैंक अकाउंट में राशि भी अंतरित कराई गई है। ग्रामीणों के मुताबिक वे गोदी खनने मतलब किसी प्रकार की खुदाई करने या अन्य कोई मजदूरी करने गये ही नहीं, फिर भी उनके नाम पर उपस्थिति दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत पदाधिकारी उनसे आधार कार्ड लेकर, अंगूठा लगवाकर शासकीय राशि का गबन कर रहे है। भ्रष्टाचार के इस मामले से भिलौनी पंचायत में “जी राम जी”(मनरेगा) के कार्यों में राशि भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की आशंका है।
गठित जांच दल ने की जांच पड़ताल
जिसके बाद भिलौनी पंचायत के स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर बिलासपुर जिलाधीश, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नरेगा लोकपाल कार्यालय को लिखित शिकायत सौंपी है। इसी कडी में मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधीश बिलासपुर के आदेश पर जिला पंचायत के द्वारा जांच दल का गठन किया गया। जिस पर गठित जांच दल के द्वारा उक्त मामले में मौके पर जाकर साक्ष्य संकलन एवं गवाहों के बयान के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की गई है। जिला अंकेक्षक दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि मामले में तथ्यों का अध्ययन/अवलोकन करने के साथ ही ऑनलाइन साक्ष्यों की भी निष्पक्ष जांच कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी जिसके बाद मामले में अग्रिम कार्यवाही किया जाना है ।
बहरहाल अब देखना यह होगा कि गवाहों के बयानों एवं ऑनलाइन साक्ष्यों का अवलोकन कर , क्या इस मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा ?



