5.36 करोड़ के विकास कार्यों से बदलेगी तस्वीर? अब घोषणा से आगे जमीन पर अमल की बारी
अमर अग्रवाल के प्रस्तावों को रफ्तार, शिक्षा-सुविधाओं से लेकर पेयजल तक काम;

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर।
बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 5.36 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को गति देने की पहल की गई है। विधायक अमर अग्रवाल के प्रस्तावों के तहत स्कूल-कॉलेजों में अतिरिक्त कक्ष, हॉल, शौचालय, चेंजिंग रूम, फर्नीचर, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, बाउंड्रीवाल, मरम्मत समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।

इन कार्यों का बड़ा हिस्सा शिक्षा संस्थानों और वार्डस्तरीय सुविधाओं से जुड़ा है। बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पंडित रामदुलारे दुबे सेजेस स्कूल, पंडित देवकीनंदन शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय और राजेंद्र नगर शासकीय स्कूल सहित अन्य संस्थानों में अधोसंरचना विकसित किए जाने की बात कही गई है।
वार्डों में निर्माण, सुविधाओं के विस्तार का दावा
कल्पना विहार, नेहरू नगर-महावीर नगर, ग्रीन गार्डन कॉलोनी, कुदुदंड, गोंड़पारा, पंचशील बुद्ध विहार, साईं धाम तोरवा, लंबोदर नगर, अशोक नगर, अरविंद नगर-जोरापारा और लोधीपारा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, हॉल, शेड, सांस्कृतिक मंच और मरम्मत कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न शासकीय संस्थानों और स्कूल-कॉलेजों में पेयजल सुविधा बढ़ाने के लिए वाटर कूलर लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
31 स्थानों पर वाटर कूलर, लेकिन नजर रहेगी गुणवत्ता पर
प्रेस नोट में 30 शासकीय संस्थानों में 30 लाख रुपये की लागत से वाटर कूलर लगाए जाने का उल्लेख है, जबकि शीर्षक/विवरण में 31 लाख रुपये और 31 स्थानों का भी उल्लेख आया है। यह आंकड़ों का विरोधाभास है, जिसे आधिकारिक स्वीकृति/कार्यादेश से स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
यही बिंदु इस पूरी घोषणा में महत्वपूर्ण है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की घोषणा के बाद असली कसौटी केवल स्वीकृति नहीं, बल्कि काम कब शुरू होता है, निर्धारित लागत में गुणवत्ता कैसी रहती है और नागरिकों को वास्तविक सुविधा कब मिलती है, यह होगी।
घोषणा से जमीन तक पहुंचना जरूरी
विधायक अमर अग्रवाल ने शिक्षा, पेयजल और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता बताते हुए इन कार्यों से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ मिलने की बात कही है। अब प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश, निर्माण की समयसीमा और पूर्णता की स्थिति सार्वजनिक होने पर इन दावों की वास्तविक तस्वीर भी सामने आएगी।
बिलासपुर के लिए 5.36 करोड़ रुपये के विकास कार्य निश्चित रूप से महत्वपूर्ण राशि है, लेकिन जनता के लिए इसका वास्तविक मूल्य तभी सामने आएगा जब स्वीकृत कार्य समय पर, पारदर्शी तरीके से और अपेक्षित गुणवत्ता के साथ जमीन पर दिखाई दें।



